सम्पादकीय

कश्मीर के मसले में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं, पूर्व सरकारों ने कभी नहीं लिया सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय: अजय माकन

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कश्मीर के मसले में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं, पूर्व सरकारों ने कभी नहीं लिया सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय: अजय माकन

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सांसद अजय माकन ने आज यहां पीटरहॉफ में आयोजित जय हिन्द सभा कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश में 15 चुने हुए स्थानों पर जय हिंद सभा का आयोजन करने का निर्णय लिया और मैंने वीर भूमि हिमाचल प्रदेश में आने की इच्छा ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के वीर सैनिकों ने हमेशा देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में भारत ने आज़ादी के बाद हमेशा पाकिस्तान को धूल चटाई है। उन्होंने कहा कि देश ने पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की। इससे पूर्व, वर्ष 2008, 2011, 2013 और 2014 में सर्जिकल स्ट्राइक की और पाकिस्तान को सबक सिखाया। इन सभी वीरतापूर्ण कृत्यों का श्रेय हमेशा देश की सेना को मिलना चाहिए। हमनेे इसका राजनीतिकरण नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुर्बानियां सैनिक ही देते हैं लेकिन कांग्रेस ने कभी अपनी पीठ नहीं थपथपाई।

माकन ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद सभी राजनीतिक दलों की बैठक में कांग्रेस ने सरकार को पूर्ण समर्थन दिया और कहा कि निर्दोष आम लोगों की हत्या करने वालों को नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने प्रश्न उठाया कि दुनिया के सभी देशों ने पहलगाम हमले की निंदा की, लेकिन किसी ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की। क्या यह विदेश नीति की असफलता नहीं? 1971 में पाकिस्तान के साथ अमेरिका के अलावा कोई देश खड़ा नहीं था लेकिन आज कोई भी देश पाकिस्तान की निंदा नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा ‘‘आईएमएफ से पाकिस्तान को 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज मिल गया, लेकिन एक भी देश ने इसका विरोध नहीं किया। पाकिस्तान इस राशि का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करेगा। हम अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र संघ से टीआरएफ को प्रतिबंधित नहीं करवाया पाए। उन्होंने दुःख जताते हुए कहा कि पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाला एक भी आतंकवादी अब तक पकड़ा नहीं गया।’’

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सांसद अजय माकन ने शिमला समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इस समझौते में द्विपक्षीय बातचीत की बात कही थी तथा दुनिया ने भारत की ताकत का लोहा माना था। लेकिन आजादी के 75 वर्ष में पहली बार सेना की कुर्बानियों को अनदेखा कर दिया गया। उन्होंने पूछा कि भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता को क्यों माना? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ बार ट्रेड को बंद करने की धमकी देकर सीजफायर करवाया तथा आज भारत की अस्मिता एवं सार्वभौमिकता व्यापार से कमतर हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि किन लोगों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है तथा सीजफायर किन शर्तों पर किया गया है।

सांसद रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जय हिंद सभाओं का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। इन सभाओं के माध्यम से भारतीय सेना के शौर्य को सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने पहलगाम आंतकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से भेंट कर उनका दुःख-दर्द बांटा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरा देश सेना और केंद्र सरकार के साथ खड़ा था, लेकिन सीजफायर का ऐलान तीसरे देश ने किया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर पाकिस्तान के सैनिकों से विश्व का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण करवाया था। हमें अपनी सेना की बहादुरी पर गर्व है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक ज़िला से लोग, देश की सेवा के लिए सेना में शामिल होते हैं और कांग्रेस ने ज़िला स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

Deepika Sharma

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