शिक्षा

शिक्षा मंत्री ने हिमाचल में बागवानी ट्रेड शामिल करने व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की रखी मांग

*शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी से की मुलाकात

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*शिमला*

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हिमाचल में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) को मजबूत करने और युवाओं को उद्योग के अनुरूप कौशल देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से मुलाकात कर कई अहम मांगें रखीं। इस दौरान समग्र शिक्षा हिमाचल के निदेशक राजेश शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

*शिक्षा मंत्री ने हिमाचल के स्कूलों में बागवानी को व्यावसायिक ट्रेड में शामिल करने और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की रखी मांग*

शिक्षा मंत्री ने हिमाचल में व्यावसायिक शिक्षा के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की मांग रखी। यह केंद्र व्यावसायिक पाठ्यक्रम विकसित करने, ट्रेनर को प्रशिक्षित करने और इनोवेशन को बढ़ावा देने का काम करेगा। इस पहल से प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा को बाजार की जरूरतों के अनुसार ढालने में मदद मिलेगी।
*स्कूलों में बागवानी को व्यावसायिक ट्रेड में शामिल करने की मांग*
हिमाचल बागवानी के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है और इसी को ध्यान में रखते हुए  सरकारी स्कूलों में बागवानी को व्यावसायिक ट्रेड के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे युवाओं को आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी मिलेगी, जिससे वे रोजगार के नए अवसर पा सकेंगे और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। अभी तक प्रदेश में 16 व्यावसायिक ट्रेड स्कूलों में चल रहे है। इस तरह बागवानी एक नया ट्रेड होगा।

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*6 से 8 कक्षाओं के लिए कंप्यूटर साइंस शुरू करने के लिए मांगा सहयोग*
शिक्षा मंत्री ने 6 से 8 कक्षाओं के लिए कंप्यूटर साइंस शुरू करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा।  शिक्षा मंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में आईटी शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस सहायता से हिमाचल के छात्रों को तकनीकी शिक्षा से जोड़कर डिजिटल डिवाइड को कम किया जा सकेगा।

*टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर में अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम*
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पर्यटन और आतिथ्य (Tourism & Hospitality), खुदरा प्रबंधन (Retail Management), ऑटोमोटिव (Automotive) और स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में छोटी अवधि के अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम शुरू करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार के सहयोग से इन क्षेत्रों में हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए कुछ देशों में भी अप्रेंटिसशिप योजनाएं लागू की जा सकती हैं, जिससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यावसायिक अनुभव मिलेगा।
*रोजगार बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने की पहल*
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि ये सभी कदम हिमाचल में व्यावसायिक शिक्षा को और मजबूत बनाएंगे, जिससे छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुसार व्यावहारिक कौशल मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल सरकार लगातार प्रयास कर युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इन ताजा प्रयासों के सफल क्रियान्वयन से हिमाचल व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास में अग्रणी राज्य बनकर उभर सकता है।

Deepika Sharma

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