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स्कूली छात्रों को साईंटिस्ट बनाएगी शूलिनी यूनिवर्सिटी

शूलिनी यूनिवर्सिटी ने हमीरपुर में करवाई प्रिंसिपल्स कॉन्क्लेव

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सेमिनार में जिला हमीरपुर के 33 स्कूलों से प्रधानाचार्यों ने शिरकत
अनुसंधान के माध्यम से शिक्षा को नया रूप देना मकसद : प्रो. खोसला
बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साईंस में अग्रणी हिमाचल प्रदेश के कसौली में स्थित शूलिनी यूनिवर्सिटी अनुसंधान के क्षेत्र में काम कर रहे प्रदेशभर के अग्रणी स्कूलों को रिसर्च के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रही है। यूनिवर्सिटी ने स्कूलों को रिसर्च के लिए अपनी लैब बच्चों को अनुसंधान के लिए प्रेरित करने हेतु वर्कशाप करवाने इत्यादि के लिए खुला ऑफर दिया है। इस दिशा में यूनिवर्सिटी प्रदेश के हर जिला में जाकर वहां के अग्रणी स्कूलों के साथ कॉन्क्लेव करवा रही हैं जिसमें स्कूलों को अनुसंधान पर जोर देने के लिए कहा जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को जिला मु यालय हमीरपुर स्थित होटल हमीर में शूलिनी यूनिवर्सिटी की ओर से एक सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें जिलाभर के 33 स्कूलों से प्रिंसीपल और डायरेक्टर्स ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। मु यातिथि के रूप में हिम अकादमी के संस्थापक और डायरेक्टर प्रो. आरसी लखनपाल ने शिरकत की। उन्हें यूनिवर्सिटी की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से स मानित किया गया।  प्रदेश पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल ऑफ साइंसेज के संस्थापक प्राचार्य डॉ. रजनीश कंवर,   ब्लू स्टार के निदेशक विकास दीक्षित समेत सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को शिक्षा क्षेत्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए शिक्षा भूषण पुरस्कार से स मानित किया गया। इस कार्यक्रम में वर्चुअली तौर पर शिरकत करने वाले शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने संस्थान की अबतक की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इनोवेशन और हार्ड वर्क से लीक से हटकर सोचने व कार्य करने से व्यक्ति बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है। कॉन्क्लेव की शुरुआत शूलिनी विश्वविद्यालय में आउटरीच की निदेशक शिखा सूद ने सबके स्वागत से की। इसके बाद सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की उप निदेशक और प्रमुख पायल खन्ना के नेतृत्व में एक आकर्षक सत्र हुआ, जिन्होंने शूलिनी की कहानी साझा की। शूलिनी विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लोकेंद्र कुमार ने स्कूलों में अनुसंधान को बढ़ावा देने पर एक सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम का समापन संस्थान के लीलाधर के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्हें ऐसे स मेलनों की अहम कड़ी के रूप में जाना जाता है।
2023 से शुरू किया ऐसी कॉन्क्लेव  का आयोजन
प्राइवेट यूनिवर्सिटी में देशभर में नंबर वन का रैंक और ऑलओवर नंबर 14 के रैंक पर चल रही शूलिनी यूनिवर्सिटी ने स्कूलों को अनुसंधान के प्रति जागरूक करने के लिए इस तरह के सेमिनार की शुरुआत वर्ष 2023 से की है। जिला मंडी और बिलासपुर के घुमारवीं में ऐसे कॉन्क्लेव करवाए जा चुके हैं। इस बार हमीरपुर में इसका आयोजन हुआ। भविष्य में पूरे प्रदेश में ऐसे आयोजन यूनिवर्सिटी करवाएगी। संस्थान की मानें तो बच्चों को रिसर्च के क्षेत्र में आगे लाने और उनके द्वारा अपने पेटेंट तैयार करवाने के लिए यह पहल की गई है ताकि वे नौकरी से हटकर भी सोच सकें। यूनिवर्सिटी स्कूलों को हर सुविधा प्रदान करेगी।
Deepika Sharma

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