विशेष

असर विशेष: …जब किन्नर बोलकर दसवीं की परीक्षा में स्कूल से बाहर निकाल दी रानो

शिमला विंटर कार्निवाल में अपनी प्रस्तुति देने पहुँची रानो, सुनाई अपनी आपबीती

No Slide Found In Slider.

सभी को पढ़ने का अधिकार है लेकिन समाज का एक ऐसा  वर्ग भी है जिससे बात करने के लिये भी सभी लोग  उनसे   कटते दिखते है। शिमला कार्निवाल में अपनी प्रस्तुति देने पहुँची “रानो किन्नर “ने असर न्यूज़ से ख़ास बातचीत की ।जिसमें रानो का कहना है कि ट्रांसजेंडर को भी शिक्षित होकर नौकरी करने का अधिकार है ।रानो कहती है कि जब वह दसवीं में पहुँची थी तो पेपर के समय उसका मामला मेल और फ़ीमेल के फेर में उलझ कर रह गया था। जिसके कारण उसे स्कूल से निकाल दिया था। ये दिल्ली के एक स्कूल का मामला है। 

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

रानो कहती है कि जो किन्नर पढ़ाई करके नौकरी करना उसके लिये सरकार को कदम उठाने चाहिए। रानो ने अपने जीवन के बारे में ये भी बताया कि उससे कैसे एक लड़के ने विवाह किया। असर न्यूज़ ने रानो के पति शौक़ीन से बात की। शौक़ीन का कहना है किन्नरों को भी अपने परिवार बसाने का अधिकार है। उन्हें किसी से कोइ लेना देना नहीं की उसने किन्नर से विवाह किया है। वह रानो से प्यार करते है। हालाँकि उनके दोस्त ने उन्हें पागल कहते थे लेकिन वह जानते ही की वह सही कर रहे है। किन्नर भी समाज का अभिन्न अंग है।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close