शिक्षा
सीएण्ड वी अध्यापकों के निदेशालय को बदलने की मांग रखने पर मचा हंगामा

( प्रारभिंक शिक्षा निदेशालय के अधीन ही कार्य करेगें सी० एण्ड वी० अध्यापक)
जिला मण्डी के कंसा चौक में हुए महासंघ के सम्मेलन में मुख्यमन्त्री के समक्ष सी० एण्ड वी० अध्यापकों के निदेशालय को बदलने की मांग महासंघ ने रखी है ।उसका राजकीय सी० एण्ड वी० अध्यापक संघ कड़ा विरोध करता है। सी० एण्ड वी० अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि सी० एण्ड वी० अध्यापक वर्ग को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन करने की मांग का अधिकार महासंघ को किसने दिया। प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि सी० एण्ड वी० अध्यापक संघ को सरकार व शिक्षा विभाग ने 1983 में मान्यता दी है। उस समय महासंघ का कोई नामोंनिशान नही था और आज इतने पुराने संघ को महासंघ हाईजैक करना चाहता है। उन्होने कहा कि सी० एण्ड वी० अध्यापक संघ में कला अध्यापक,शारीरिक शिक्षक, भाषा अध्यापक,शास्त्री अध्यापक,क्राफट अध्यापक,गृह विज्ञान अध्यापक,बैंड मास्टर ,उर्दु अध्यापक तथा पंजाबी अध्यापकों सहित कुल 18000 शिक्षक है। इस तरह महासंघ सरकार व शिक्षा विभाग को गुमराह करने का काम कर रहा हैै,जिसे सी० एण्ड वी० अध्यापक संघ कतई बर्दास्त नही करेगा। इससे पूर्व भी महासंघ ने बजट सत्र के दौरान भाषा अध्यापकों तथा शास्त्री अध्यापकों को गुमराह किया था की बजट सत्र में टीजीटी हिन्दी तथा टीजीटी संस्कृत के पदनाम की घोषणा करवा देंगे,तथा उस दिन फीटरहाफ् में सैकड़ो शास्त्री तथा भाषा अध्यापकों को बुलाकर उनका मजाक बनाया गया। चमन लाल शर्मा ने महासंघ को आगाह करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि वे सी० एण्ड वी० अध्यापक संघ में अपनी दखल अंदाजी बन्द करे। संघ अपना काम स्वंय करवाने में सक्ष्म है। संघ ने सरकार व शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि सी० एण्ड वी० अध्यापक वर्ग कई वर्षों से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के अधीन कार्य करता रहा है और आगे भी प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के अधीन कार्य करेगा। अगर इसमें कोई छेड़छाड.की गई तो संघ कतई वर्दास्त नही करेगा अन्यथा संघ धरना प्रर्दशन करने पर भी कोई गुरेज नही करेगा।


