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EXCLUSIVE: 1988 का महिला मंडल रजिस्ट्रेशन , कागजों में हो गया गायब

कनोह गांव के महिला मंडल के सामने पेश आई दिक्कत

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हिमाचल की पंचायतों को मजबूत करने के लिए सभी गांव में स्थापित महिला मंडलों की मजबूती होना भी जरूरी है। लेकिन यदि कोई महिला मंडल अपने रजिस्ट्रेशन नंबर की पुष्टि को लेकर ही

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  प्रशासन के चक्कर काटती रह जाय और प्रशासन यह कहे कि उसका रजिस्ट्रेशन नंबर  कागजों में नहीं मिल रहा तो उसके विकासात्मक कार्यों पर अंकुश लग सकता है। ऐसा ही एक मामला जिला सोलन के कन्नौह गांव में सामने आया है। मामला यह है कि उक्त महिला मंडल की रजिस्ट्रेशन वर्ष 1988 की है। यानी कि लगभग 35 वर्ष पुराना यह कानोह गांव का महिला मंडल है। लेकिन अपनी रजिस्ट्रेशन के लिए महिला मंडल के अधिकारी संबंधित प्रशासन के चक्कर काटते हुए थक गए हैं लेकिन उनका रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा है। अब यह कहा जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन के लिए उन्हें दोबारा से अप्लाई करना होगा लेकिन हैरानी यह है कि आखिर इतना अहम रिकॉर्ड कहां गायब होकर रह गया ।

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 महिला मंडल की सचिव रीता शर्मा का कहना है कि वह इस मसले को लेकर कुनिहार जा कर आए हैं लेकिन कहा जा रहा है कि यहां रिकॉर्ड नहीं है ।वर्ष 1988 का रिकॉर्ड चाहिए जो कागजों में नहीं मिल पा रहा है। महिला मंडल का एक ग्रामीण विकास में काफी योगदान रहता है ।ऐसा इसलिए भी है क्योंकि महिलाओं के उत्थान और पंचायत स्तर में संबंधित गांव के उत्थान के लिए ग्रामीण स्तर पर महिला मंडल विभिन्न कार्य करती हैं ।

पैसा इकट्ठा करती हैं और इकट्ठे करके किसी भी जरूरतमंद महिला की मदद भी करती हैं वहीं पंचायत स्तर पर अपने गांव का विकास भी महिला मंडल द्वारा किया जाता है लेकिन रजिस्ट्रेशन नंबर के उचित पुष्ठिगत तौर पर नहीं मिलने से  महिला मंडल की गांव में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

Deepika Sharma

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