विविध

हिमाचल प्रदेश में नए सत्र में प्रवेश परीक्षाओं के कारण छात्र ना हो परेशान- आकाश नेगी

प्रदेश सरकार व उच्च शिक्षा विभाग दोनों विश्वविद्यालयों के अधीन आने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए करवाये एक ही प्रवेश परीक्षा -अभाविप

No Slide Found In Slider.

 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश में नए सत्र में प्रवेश परीक्षाएं शुरू होने वाली है। लेकिन सरदार पटेल विश्वविद्यालय के अंदर आने वाले जिलों से जो छात्र अपनी उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा देना चाहते हैं , पहले हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय उनकी प्रवेश परीक्षा लेता था, लेकिन इस वर्ष हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने मना कर दिया है कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा नहीं दे पाएंगे। इससे हजारों छात्र-छात्राएं परेशान हो रहे हैं ,कि उन्हें एक ही प्रवेश परीक्षा के लिए दो टेस्ट भरने पड़ेंगे और एक ही प्रवेश परीक्षा के लिए दो बार फीस देनी पड़ेगी। क्योंकि अगर कोई छात्र एक प्रवेश परीक्षा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंदर देता है तो वह सरदार पटेल विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं ले सकता ।इसलिए उसे एक ही प्रवेश परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भी प्रवेश परीक्षा देनी पड़ेगी, व उसी के लिए सरदार पटेल विश्वविद्यालय में भी प्रवेश परीक्षा देनी पड़ेगी ।और दोनों जगह पर एक ही टेस्ट के लिए उसे दो बार फीस भरनी पड़ेगी। जोकि बिल्कुल भी उचित नहीं है इससे हिमाचल प्रदेश के छात्र-छात्राओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। जब सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी नया नया बना तो, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के साथ इस बात को लेकर सहमति हुई कि, जितनी भी प्रवेश परीक्षाएं होंगी वह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ही लेगा , और उसी के आधार पर वहां पर दाखिले होंगे ।सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी ने मार्च महीने में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ,आप इस वर्ष भी प्रवेश परीक्षाएं काॅमन ही करवाएं।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

आकाश नेगी ने कहा कि जब केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के लिए पूरे देश में भी एक ही टेस्ट हो सकता है तो इस छोटे से प्रदेश में अलग अलग टेस्ट करवाना न्यायोचित नहीं है ।इस से विद्यार्थियो को दो दो टेस्ट देने पड़ेंगे, जिस से समय और पैसे की बर्बादी होगी, तथा प्रवेश होने तक विद्यार्थी दो – दो विश्वविद्यालयों के बीच झूलता रहेगा ।

उन्होंने कहा कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट होने से हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों को लाभ होगा।हरियाणा में एक ही टेस्ट होता है यद्यपि वहां पर भी बहुत से सरकारी विश्वविद्यालय है।

अन्य कई राज्यों में भी चाहे विश्वविद्यालयों की संख्या कितनी भी हो, लेकिन प्रवेश परीक्षा एक ही करवाई जाती है। सरदार पटेल विश्वविद्यालय अभी एक वर्ष पहले ही अस्तित्व में आया है और वहाँ केवल 9 विभाग ही संचालित है जब की BEd ( शिंक्षा) , भाषा संकाय और सामाजिक संकाय समेत कई अन्य विभाग नहीं है, ऐसे में संबधित महाविद्यालयों के विद्यार्थियों का मानसिक उत्पीड़न न हो।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नारा देती है , कि “ठीक करेंगे तीन काम, प्रवेश परीक्षा और परिणाम”। विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रों के साथ खड़ी है। इसलिए विद्यार्थी परिषद माँग करती है , कि प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग दोनों विश्वविद्यालयों के अधीन आने वाले सभी विद्यार्थियो के लिये एक ही टेस्ट करवाये। इससे हिमाचल प्रदेश के हजारों छात्रों को राहत मिलेगी, उनका पैसा व समय भी बचेगा।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close