विशेष

असर पर बेबाक आवाज़: होली मना तो रहे थे सुक्खू जी के साथ वहीं गीले शिकवे दूर कर लेते

असर पर बेबाक लेखक

WhatsApp Image 2026-02-05 at 5.59.45 PM

 

पोस्ट

No Slide Found In Slider.

असर पर बेबाक आवाज़ 

No Slide Found In Slider.

आदरणीय जय राम जी, होली मना तो रहे थे सुक्खू जी के साथ वहीं गीले शिकवे दूर कर लेते ये सड़कों पर उतर कर बेकार का प्रपंच किसलिए उस दिन गले मिल रहे थे आज मुर्दाबाद। और इन चिल्लाने वाले चमचों को भी समझाओ पांच साल बाद फिर इन्हें मौका मिल जाएगा राज्य को लूटने का इनकी पहुंच के हिसाब से तब तक शांति बनाए रखो।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close