चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत

चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत के साथ आने वाला नौ दिवसीय पावन पर्व है, जो बसंत ऋतु में देवी दुर्गा की पूजा और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह शक्ति की आराधना आत्म संयम और ऋतु परिवर्तन के समय स्वास्थ्य लाभ का भी प्रतीक है। जिसमें रामनवमी भी मनाई जाती है। आईए जानते है, कि शिमला के कालीबाड़ी मंदिर में नवरात्रि उत्सव की क्या धूम है। शिमला के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर को सुंदर फूलों से सजाया गया है। मंदिर में मनदीप नवरात्रि के शुभ अवसर पर कलश स्थापना की जाएगी। सीसीटीवी कैमरा की निगरानी में सब रहेंगे। पुलिस कर्मी तो होंगे ही साथ ही महिला पुलिस की निगरानी में भगत माता के दर्शन कर पाएंगे। चैत्र नवरात्रि का महत्व बताते हुए राधा कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश चंद नौटियाल ने बताया कि इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है, जो शक्ति साहस और ज्ञान का प्रतीक है। चैत्र नवरात्रि के के पहले दिन से ही हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। जो सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का संकेत है। यह उपवास जप और ध्यान के माध्यम से आत्मा की शुद्धि और नकारात्मकता को दूर करने का एक विशेष समय है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रीमत भागवत महापुराण के अनुसार जब भी मां दुर्गा का आगमन डोली पर होता है, तो यह शुभ संकेत नहीं माना जाता है, ऐसा होने पर युद्ध जैसे हालात बनते हैं लोगों में रोग आदि बढ़ता है साथ ही आर्थिक उतार-चढ़ाव और सामाजिक अशांति फैला सकती है। मानता है कि यह इन्हीं नौ दिनों में ही सृष्टि का सृजन हुआ था। सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में सुख समृद्धि शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन आगमन होता है। श्री राम मंदिर शिमला में रामनवमी महोत्सव 2026 का पवन आरंभ प्रभात फेरी से हो रहा है। प्रभात फेरी हमारी सनातन परंपरा का जीवंत स्वरूप है। यह केवल भक्ति नहीं बल्कि सनातन को जागृत करने का महा माध्यम है। श्री राम नाम का संकेतन पूरे वातावरण को पवित्र करता है। यह आपसी भाईचारे और एकता को सुदृढ़ करता है। श्री रामनवमी पर होने वाले कार्यक्रम इस प्रकार है:-


