सम्पादकीय

असर पर बेबाक आवाज़: वोट देना हो तो दें नहीं देना है तो न दें

असर पर बेबाक लेखक की कलम से..

No Slide Found In Slider.

 

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

पोस्ट पर बेबाक आवाज़…

WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

 

महान नेता, चुनावों से पहले बयान दिया के वोट देना हो तो दें नहीं देना है तो न दें हम नहीं मांगेंगे परन्तु ध्यान रहे के यदी हमें वोट दोगे और हम सत्ता में आए तो बड़े और ज़रूरी बदलाव करेगें राष्ट्र निर्माण की दिशा में जिसके फलस्वरूप शायद किसी के भी निजी हितों और स्वार्थ का पतन हो सकता है । जनता ने इन्हें विशाल बहुमत से विजयी बनाया। और आज केवल दूसरी पार्टी ने जो नहीं किया वोटों के लालच में वो भी करना है चाहे वह कितना ही अनावश्यक हो अनुचित हो केवल सत्ता हाथियानी है । आदरणीय इंदिरा जी आज के नेताओं की सोच केवल आपके चित्र में अपना चित्र चिपका कर हाथ जोड़ने तक रह गई है ताकि जनता का ध्यान आकर्षित कर सकें जो साहस आप में सत्ता के बग़ैर भी दिखाई देता था वो आपके अनुयाइयों में सत्ता के शीर्ष पर बैठने के बाद भी नहीं। सौभाग्य से संविधान द्वारा इतना सुनेहरा अवसर प्राप्त होने के वावजूद केवल औपचारिकताओं और अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं।

असर पर बेबाक लेखक की कलम से

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close