असर इंपैक्ट: हिमाचल के दस सरकारी बाल गृहों को आदेश, बच्चों से अभिभावकों की समय पर बात करवाने के लिए बनाएं नियम
सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने जारी की फरमान
आखिरकार दस बाल गृहों का कोई भी बच्चा अपने अभिभावकों से समय पर बात करने से वंचित नहीं रहेगा और ना ही किसी मां के आंसू सिर्फ इसलिए गिरेंगे कि उसकी बात उससे दूर रहे बच्चे से संबंधित प्रशासन नहीं करवा पा रहा है। असर न्यूज़ द्वारा मामला प्रकाश में आने के बाद इस पर सीडब्ल्यूसी द्वारा गंभीरता से कदम उठाए गए हैं जिस पर हिमाचल के सभी सरकारी बाल ग्रहों के आदेश दिए हैं कि बच्चों और अभिभावकों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने के लिए समय अवधि तय की जाए। जो भी परेशानी उनके बीच में है उसका निपटारा जल्द से जल्द किया जा सके।

गौर हो कि आश्रम में अपने बच्चों से फोन पर बात करने के लिए दस दिन से एक मां तड़पती रही। लेकिन बालिका आश्रम के प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया था। मां (मीना) काल्पनिक नाम का कहना है कि वह काफी समय से अपनी दो बेटियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रही थी लेकिन जब फोन करती तो कभी कहा जाता है कि बेटियां आश्रम में है और कभी कहा जाता है कि बेटियां स्कूल में है अभी बात नहीं हो सकती है। मीना का कहना है कि बीस फरवरी को तो बच्चों को हिमाचल के एक बाल ग्रह में छुट्टियों के बाद वापस भेजा था। जिसके बाद मां ने दोनों से बात करने की कोशिश की लेकिन वह नहीं हो पाई। मीना कई बार लैंडलाइन पर कॉल करती रही लेकिन उसके बाद उसकी बात नही हो पाई और वह बहुत परेशान हो कर रह गई।
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सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष ने क्या कहा
सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष श्रीमति अमीता का कहना है कि हिमाचल के सभी सरकारी बाल गृहों के प्रशासन को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बच्चों और अभिभावकों से संपर्क को लेकर एक नियम तैयार करें। ना बच्चों को अपने अभिभावकों से बात करने के लिए इंतजार करना पड़े और ना ही अभिभावकों को अपने बच्चों से बात करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़े ।इसे लेकर संबंधित प्रशासन को खास निर्देश जारी कर दिए हैं।



