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कामगारों को उनके दो बच्चों की कक्षा एक से पी.एच.डी. तक पढ़ाई के लिए प्रतिवर्ष 8400 रुपये से लेकर 1,20,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही

कामगारों के लिए वरदान साबित हो रही भवन एवं अन्य सन्निर्माण की कल्याणकारी योजनाएं

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राज्य सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने प्रदेश में लाखों कामगारों की जिन्दगी में सकारात्मक बदलाव लाया है। बोर्ड द्वारा कामगारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, आवास सुविधा सहित अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। कामगारों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 1 जनवरी, 2018 से अब तक लगभग 327 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।

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वर्तमान में बोर्ड में 4,02,910 कामगार पंजीकृत हैं जिनमें मनरेगा के तहत 1,71,783 तथा 2,31,147 अन्य कामगार हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान 2,74,112 कामगारों का पंजीकरण किया गया है। कामगारों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करने के दृष्टिगत विभिन्न माध्यमों से निरंतर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करवाने के लिए कामगार की आयु 18 से 60 वर्ष तक होनी चाहिए। पंजीकरण के लिए आवेदक को सम्बन्धित श्रम अधिकारी के कार्यालय में पिछले 12 माह में कम से कम 90 दिनों तक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों में काम करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है। कामगारों की सुविधा के लिए बोर्ड द्वारा अपनी वैबसाइट इवबूण्ीचण्दपबण्पद पर भी ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार द्वारा कामगारों के कल्याण के लिए बोर्ड के माध्यम से अनेक नवीन योजनाएं भी आरम्भ की गई हैं। कामगारों को उनके दो बच्चों की कक्षा एक से पी.एच.डी. तक पढ़ाई के लिए प्रतिवर्ष 8400 रुपये से लेकर 1,20,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। बेटी जन्म उपहार योजना के तहत दो बेटियों के जन्म पर 51-51 हजार रुपये की धन राशि एफडीआर के रूप में प्रदान की जाती है। दिव्यांग बच्चों के लिए आरम्भ की गई योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थी के बच्चों की देखभाल के लिए प्रत्येक वर्ष 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

विधवा पेंशन योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थी की विधवा को हर माह 1500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। पंजीकृत लाभार्थी के बच्चों को होस्टल सुविधा योजना के तहत होस्टल में रहने पर प्रत्येक वर्ष 15,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है।

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सोलन जिला के डुगरी गांव से सम्बन्ध रखने वाले कामगार गोपाल सिंह की बेटी ने दसवीं और बाहरवीं कक्षा की परीक्षा में अव्वल स्थान हासिल किया। वह बी.ए.एल.एल.बी की उपाधि प्राप्त करना चाहती थी, लेकिन धन की कमी यह लक्ष्य प्राप्त करने में सबसे बड़ी बाधा थी। ऐसे में बोर्ड की शिक्षा सहायता योजना, गोपाल सिंह की बेटी की सबसे बड़ी मददगार बनी। उनकी बेटी की उच्च शिक्षा के लिए भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगर कल्याण बोर्ड ने 1,20,000 रुपये की सहायता प्रदान की।

सोलन जिला के ही परथा खुर्द के निवासी सरफराज की गंभीर बीमारी से पीड़ित बेटी के ईलाज के लिए बोर्ड ने 1,00,000 रुपये की चिकित्सा सहायता प्रदान की। बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इस तरह लाखों कामगारों को वित्तीय सहायता एवं अनेक लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।

कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा शादी के लिए सहायता योजना के तहत 51,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान इस योजना के तहत 19,037 लाभार्थियों को लगभग 77 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। शिक्षा के लिए सहायता योजना के अन्तर्गत इस अवधि के दौरान 97,256 लाभार्थियों को लगभग 120 करोड़ रुपये सहायता राशि के रूप में प्रदान किए गए हैं।

चिकित्सा सहायता योजना के अन्तर्गत बोर्ड द्वारा 2,758 लाभार्थियों को लगभग 34 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा बोर्ड द्वारा विभिन्न विपरीत परिस्थितियों के दौरान भी पंजीकृत कामगारों को सहायता प्रदान की जाती है। कोविड महामारी के दौरान बोर्ड द्वारा 1,36,613 कामगारों को 2,000 रुपये की दर से तीन किश्तों में कुल 78.59 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत कामगारों के कल्याण के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें लाभान्वित करने के लिए जागरूकता माध्यमों पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाएं कामगारों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। इससे उनकी सामाजिक आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। .

 

 

Deepika Sharma

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