विविधविशेष

असर विशेष : मरीजों का रोग भगाता टीकाकरण अभियान

No Slide Found In Slider.

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस 2022 टीकाकरण दिवस के रूप में भी जाना जाता है।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

और टिको के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 16 मार्च को मनाया जाता है। ये दिन पोलियो रोग के खिलाफ भारत की जीत का भी प्रतीक है 16 मार्च 1995 को देश में पहली ओरल पोलियो वैक्सीन की खुराक शुरू की गई थी|

 राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के रूप में भी जाना जाता है.।इस दिन में पूरे देश को टीके के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाई जाती हैं।

 

इस साल यह दिन महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल की शुरुआत में अपना सबसे बड़ा कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया था| पहले ही देश 30 लाख का आंकड़ा पार कर चुका है

कोविड-19 महामारी के दौरान टीकाकरण सर्वोपरि महत्व हासिल किया है

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस 2022 का विषय सभी के लिए टीके का काम है. टिके उन बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं जो खतरनाक या घातक भी हो सकते हैं|

WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

टिके रोग के प्रतिरक्षा को सुरक्षित रूप से विकसित करने के लिए शरीर के प्राकृतिक बचाव के साथ काम करके संक्रमण के जोखिम को कम करते हैं|

 टी.बी ,टिटनेस आदि घातक बीमारियों के खिलाफ पिछले कुछ 10 को में लड़ाई मैं टीके एक महत्वपूर्ण हथियार बन गए है|

 उसने कई लोगों की जान बचाई है इसलिए राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस आज की दुनिया में टीको के महत्व को बताता है और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है|

 इसलिए राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस आज की दुनिया में टिकों के महत्व को बताता है इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है |

 

कोविड-19 आदि घातक बीमारियों को हराने के लिए दुनिया भर में विभिन्न टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं.कोविड- 19 आदि घातक बीमारियों को हराने के लिए दुनिया भर में विभिन्न टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं…

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close