खाकी में नारी,पहचान यह मेरी कोई मुझसे न छीन पायेगा” उमा ठाकुर
राज्य स्तरीय ऑनलाइन कवि गोष्ठी
महिला साहित्यकार संस्था जिला बिलासपुर इकाई द्वारा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर (आजादी के अमृत महोत्सव पर) राज्य स्तरीय इनलाइन कवि गोष्ठी का आयोजन प्रान्त अध्यक्षा डा0 रीता सिंह जी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि प्रो0 भारती सिंह संस्कृत एवं हिन्दी भाषा विद्
उच्च शिक्षा विभाग उ0प्र0, विशिष्ट अतिथि-डा0 योगेश कौर प्रो0 विभागाध्यक्ष हिन्दी हि0प्र0 विश्व विद्यालय। कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में प्रान्त अध्यक्षा डा0 रीता सिंह जी रही। सभी गणमान्य विदुषियों द्वारा पटल गौरवान्वित हुआ।
इस राज्य स्तरीय कवि गोष्ठी के मंच संचालन की जिम्मेवारी संस्था की सम्मानित सदस्य रचना चन्देल ने संभाली। काव्य गोष्ठी का आयोजन/तकनीकी संयोजन इकाई अध्यक्षा शीला सिंह द्वारा दायित्व निर्वाह किया गया।
कवि गोष्ठी शुरू होने से पहले – संस्था की सम्मानित सदस्य वीना वर्धन की सास के निधन पर और जिला मण्डी की सम्मानित कवयित्री हरिप्रिया की जेठानी के निधन पर- दिवंगत आत्मा की शान्ति हेतु एक मिनट का मौन रखा गया। तत्पश्चात कार्यक्रम का आरम्भ जिला मण्डी की कृष्णा ठाकुर और जिला सोलन की सन्तोष कालरा जी की मधुर ध्वनि में सरस्वती वंदना से हुआ।
इसके पश्चात जिला बिलासपुर इकाई की अध्यक्षा शीला सिंह द्वारा पटल पर उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, प्रान्त अध्यक्षा और हिमाचल प्रदेश के हर जिला से पटल पर अपनी उपस्थिति बनाईं हुए सभी सम्मानित कवयित्रियों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। तत्पश्चात मिली जुली श्रृंखला में कवयित्रियों द्वारा काव्य पाठ शुरू किया गया। सर्वप्रथम जिला ऊना से मधु ठाकुर ने देश भक्ति पूर्ण कविता सुनाकर वाहीवाही लूटी। सरला चम्बयाल कुल्लू—कृष्ण जन्मोत्सव का पहाड़ी गाना गाया। जिला सोलन से मोनिका शर्मा ने–देश उन्हें भी भूल गया है जो फांसी के फंदे पर झूल गए। जिला शिमला से कवयित्री और लेखिका उमा ठाकुर ने–खाकी में नारी, पहचान यह मेरी कोई मुझसे न छीन पायेगा। कृष्णा ठाकुर मण्डी से–मेरे देश की शान हो तुम, देशवासियों की जान हो तुम।
डा0 कविता बिजाल्वान चम्बा से–यूं ही नहीं हमने आजादी पाई है, कईयों ने आहुति इस यज्ञ में चढ़ाई है। सन्तोष कालरा जिला सोलन से—मैं इतना कमज़ोर भी नहीं कि टूट जाऊंगा। पूर्णिमा जिला हमीरपुर से—तिरंगा लहरा रहा है हर एक के घर पर, देश बुलंद हो रहा है हर एक के दम पर। सन्तोष शर्मा जिला ऊना से—कहाँ गई इन्सान की इन्सानियत, हर तरफ़ राज कर रही है हैवानियत। पुष्पा ठाकुर जिला शिमला से—उनकों शत शत नमन रहे, जिनसे आबाद ये चमन रहे। ललिता कश्यप बिलासपुर ने आल्हा छंद में अपनी प्रस्तुति दी। प्रो0 शर्मा हमीरपुर से—सपनों के भारत का चित्र बनायें, स्वतंत्र भारत का चित्र बनाए। रचना चन्देल बिलासपुर से—तीन रंग का लिए तिरंगा भारत माँ की जय बोलो, वंदे मातरम् वन्दे मातरम् हो करके निर्भय बोलो।
संस्था की उपाध्यक्षा डा0 हेमा देवी ठाकुर ने—-सुहाग गीत गाया–आस्से पहाड़ां रिया चिड़िया वे, बापूजी आस्से उड़ चल्लियां। संस्था के सम्मानित संयोजक सदस्य डा0 रविन्द्र कुमार ठाकुर ने राष्ट्र भक्ति से परिपूर्ण और भारत को उन्नति पथ पर अग्रसर करने वाले देश के महापुरुषों के गुणगान में काव्य पाठ किया।दीपिका महाजन कांगड़ा से–ऐ मेरे देश के लोगों जरा आंख में भरलो पानी, गाना गाया।शक्ति चड्ढा कांगड़ा ने भी देश भक्ति पूर्ण कविता कही।स्वर्ण लता जिला कांगड़ा से- आजादी के अमृत महोत्सव पर सुन्दर काव्य पाठ किया। प्रभजोत कौर ऊना से — राष्ट्र भक्ति पूर्ण काव्य पाठ किया।-इकाई अध्यक्षा शीला सिंह ने देश के विभाजन पर त्रासदी पर काव्य पाठ करते हुए उन दिनों के समृति चित्र कविता के माध्यम से उतारे। इस कवि गोष्ठी की महत्ता विशेष रही क्यों कि डा० हेमा देवी ठाकुर जी द्वारा लिखी किताब ( लोकसाहित्य के विविध आयाम–विशेष सोलन जनपद के संदर्भ में) का विमोचन उनकी प्रिय गाइड प्रो0 योगेश कौर जो उनकी गौड मदर भी है उनके हाथों हुआ। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, कार्यक्रम अध्यक्षा एवं प्रान्त अध्यक्षा सहित सभी ने आजादी के अमृत महोत्सव पर देश के वीरों, शहीदों के बलिदानों को स्मरण करते हुए तिरंगे की शान मान को बनाये रखने के प्रण पर जोर दिया और अन्य कई देश भक्ति के प्रसंगों की चर्चा की। अन्त में राष्ट्रगान की धुन पर कार्यक्रम/काव्य गोष्ठी का समापन हुआ। प्रान्त अध्यक्षा डा0 रीता सिंह जी के सफल प्रयासों और कुशल नेतृत्व व निर्देशन में और इकाई अध्यक्षा शीला सिंह के संयोजन से समय समय पर बिलासपुर इकाई द्वारा विशेष दिवस मनाये जाते रहे हैं, यह सारा श्रेय उन्ही को जाता है।



