ब्रेकिंग-न्यूज़विशेष

EXCLUSIVE: हिमाचल में आठ हज़ार लोगों को नहीं मिल पाई डाक

2 दिनों की हड़ताल से समय पर नहीं मिल पाया संदेश पत्र

No Slide Found In Slider.

 

डाक कर्मचारियों की हड़ताल हिमाचल में कई लोगों पर भारी पड़ी। जानकारी के मुताबिक 2 दिन की इस हड़ताल में लगभग आठ हजार लोगों को डाक नहीं पहुंच पाई, जिसमें सरकारी विभाग ही नहीं बल्कि निजी क्षेत्र में आने वाली डाक भी शामिल है। अकेले शिमला की बात की जाए तो यहां पर लगभग साढ़े तीन हजार डाक नहीं बंट पाई। जिसमें पार्सल स्पीड पोस्ट और रजस्ट्री शामिल रही।

No Slide Found In Slider.

डाक कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रदेश भर में डाक सेवाएं ठप की गई। जिसमें कुछ एक इलाकों में रोटेशन के हिसाब से काम हुआ।

 जिसमें डाक कर्मचारियों का पुरानी पेंशन बहाली को लेकर मुख्य मांग शामिल थी। जीपीओ शिमला के बाहर डाक कर्मचारियों ने काफी संख्या में खड़े होकर यह आवाज उठा रहे थे कि उनकी मांगों को पूरा किया जाए, क्योंकि इससे लेकर अब काफी लंबा समय हो गया है। सभी कर्मचारी अपनी सेवाएं नहीं दे रहे थे जिससे कई लोगों की डाक नहीं पहुंच पाई । बताया जा रहा है कई कई मुख्य डाक जिसमें रजिस्ट्री भी शामिल होती है वह भी डाक बाधित रही वहीं इसके साथ स्पीड पोस्ट भी समय पर नहीं पहुंच पाई।

बॉक्स

इसलिए लिया था आंदोलन का फैसला

No Slide Found In Slider.

केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति और N.F.P.E ई के आवाहन पर हिमाचल प्रदेश के सभी डाक कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लेने का फैसला लिया था।शिमला डाक मंडल के कर्मचारियों में डाक सहायक पत्र वाहक M. T. S व ग्रामीण डाक सेवकों के कर्मचारियों ने भाग लिया था।

 

 हड़ताल में शामिल सदस्यों की संख्या 260 से अधिक थी अपनी 14 सूत्रीय भाग पत्र को लेकर कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की और कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध किया.जिन कर्मचारी नेताओं ने सभा को संबोधित किया उनमें से मंडलीय सचिव पुरुषोत्तम चौहान, मंडल अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, पूर्व सेवक अध्यक्ष जगत राम, प्रेम मेहता, कमल किशोर, संदीप नारायण सिंह, ओम प्रकाश, रोशन ठाकुर, अनीता शर्मा मोनिका व सम्मिलित थे|

  बॉक्स

14 सूत्रीय मांग पत्र में मुख्य मांगे इस प्रकार है

 नई पेंशन स्कीम बंद करो पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए|

 जनवरी 2020 से जुलाई 21 तक का महंगाई भत्ता तुरंत जारी किया जाए.

8 वें वेतन आयोग का गठन किया जाए.

सरकारी विभागों उपक्रमों का निजीकरण बंद किया जाए ग्रामीण डाक सेवाओं को नियमित किया जाए.

तथा उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की जाए|

 सभी कर्मचारियों ने बीपीओ शिमला के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया ..

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close