ब्रेकिंग-न्यूज़

ख़ास ख़बर: वीरगाथा प्रोजेक्ट 4.0 में छाए हिमाचल के छात्र, ‘सुपर 100’ में 6 बच्चों ने बनाई जगह*

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

*शिमला*

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM
No Slide Found In Slider.

रक्षा मंत्रालय (MoD) और शिक्षा मंत्रालय (MoE) के संयुक्त तत्वावधान में लांच किए गए प्रोजेक्ट वीरगाथा 4.0 में हिमाचल प्रदेश के छह बच्चों ने कड़ी मेहनत और प्रतिभा की बदौलत “सुपर 100” में अपनी जगह बनाई है। यह प्रोजेक्ट वीरता पुरस्कार विजेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस प्रतियोगिता में देशभर के स्कूलों के कक्षा 3 से कक्षा 12 तक के छात्र भाग लेते हैं। हिमाचल में वीरगाथा प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न गतिविधियां समग्र शिक्षा माध्यम से कराई गईं।
प्रोजेक्ट वीरगाथा 4.0 की लांचिंग इस वर्ष 5 सितंबर को की गई थी, जिसके तहत स्कूल स्तर पर बच्चों ने अपनी एंट्री MyGov पोर्टल पर ऑनलाइन जमा की। छात्रों ने वीरता पुरस्कार विजेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित विभिन्न गतिविधियों, जैसे कविताएं, पैराग्राफ लेखन, पेंटिंग और मल्टीमीडिया प्रस्तुतियां में भाग लिया। इस प्रतियोगिता के लिए छात्रों के चार वर्ग बनाए गए थे। इनमें कक्षा 3 से 5 तक के छात्रों का पहला वर्ग, कक्षा 6 से 8 तक दूसरा, कक्षा 9 से 10 तक तीसरा और कक्षा 11 से 12 तक चौथा वर्ग है। इनका मूल्यांकन पहले जिला स्तर पर, फिर राज्य स्तर पर और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर किया गया। इसमें हिमाचल के छह बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर सुपर 100 विजेता में शामिल रहे हैं। इनमें हर्षिता (चौथी ) राजकीय प्राथमिक पाठशाला थामारी (मंडी), ओजस (12वीं) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरोग (शिमला) शामिल हैं। इनके अलावा रोहींन (8वीं) कॉन्वेंट ऑफ जीजस एंड मेरी (शिमला) और वंशिल चौहान (कक्षा 5वीं) दयानंद पब्लिक स्कूल शिमला, अक्षिता (8वीं) एंजेल पब्लिक स्कूल सुंदरनगर (मंडी) और शुभम ओम्टा (10वीं) सेंट ल्यूक्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश में इस आयोजन में करीब 1.70 लाख बच्चों ने भाग लिया। जिला स्तर पर बच्चों का मूल्यांकन करने के बाद, 3543 छात्रों का चयन राज्य स्तर के लिए किया गया। राज्य स्तर पर समग्र शिक्षा निदेशालय द्वारा गठित एक कमेटी ने मूल्यांकन किया और 40 छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने का अवसर प्रदान किया, जिनमें से छह छात्रों ने देश के “सुपर 100” में अपनी जगह बनाई। सुपर 100 के बच्चों को रक्षा एवं शिक्षा मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
प्रोजेक्ट वीरगाथा 2021 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य वीरता पुरस्कार विजेताओं के साहसिक कार्यों और स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथाओं को छात्रों के बीच प्रसारित करना है ताकि उनमें देशभक्ति की भावना जागृत हो। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्रों को वीरता पुरस्कार विजेताओं पर आधारित रचनात्मक प्रोजेक्ट और गतिविधियां करने के लिए एक मंच प्रदान किया गया है। छात्र कला, कविता, निबंध और मल्टीमीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों से इन वीरों के जीवन की जानकारी साझा करते हैं।
समग्र शिक्षा के निदेशक राजेश शर्मा ने इन बच्चों को “सुपर 100” में स्थान बनाने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि वीरगाथा प्रोजेक्ट से बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समग्र शिक्षा निरंतर प्रयास कर रहा है।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close