संस्कृति

निर्देशक स्वर्गीय देवेन जोशी को आज गेयटी थियेटर सम्मेलन कक्ष में श्रद्धासुमन अर्पित किए

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शिमला नगर के रंग कर्मियों, साहित्यकारों तथा बुद्धिजीवियों द्वारा रंगमंच के प्रख्यात निदेशक स्वर्गीय देवेन जोशी को आज गेयटी थियेटर सम्मेलन कक्ष में श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

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कथाकार एवं वरिष्ठ साहित्यकार सुदर्शन विशिष्ट ने संस्मरण सांझा करते हुए उनके व्यक्तित्व, कृतत्व तथा नाटक के प्रति उनके अथाह ज्ञान और योगदान को सांझा किया। उनके भाई मोहन जोशी ने श्रद्धाजंलि सभा आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए पारिवारिक रिश्तों से अलग मंच पर निर्देशक के रूप में नाटक में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाओं, उपलब्धियों पर विचार व्यक्त किए साथ ही परिवार, व्यापार और नाटक में सामजस्य बिठाते हुए शिमला में एक अच्छे रंगमंच की शुरुआत करने वाला व्यक्ति बताया।

प्रख्यात गायक एवं वरिष्ठ उद्घोषक अच्छर सिंह परमार ने महाविद्यालय के दिनों में युवा उत्सवों की प्रतियोगिता के दौरान उनसे किए जाने वाले परस्पर प्रतियोगी संबंधों का जिक्र किया, जो बाद मंे शिमला आने पर प्रगाड़ता में बदले। उन्होंने मंच के साथ-साथ दिवेन को रेडियो, नाटको का भी सिद्ध हस्त अभिनेता बताया।

वरिष्ठ रंगकर्मी प्रवीण चांदला ने बताया कि 1975 में शिमला आने के उपरांत 1977 में कोर्णाक नाटक के दौरान उनसे संबंध बने, जो भविष्य में परस्पर दोस्ती में बदले। उन्होंने कहा कि फर्ज, महोब्बत और इंसानियत के भावों में देवेन जोशी का कोई सानी नहीं था। वे नाटक के साथ-साथ जीवन के रिश्तों में भी बहुत परिपक्व थे।

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प्रोफेसर कमल मनोहर शर्मा ने देवेन जोशी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए वर्ष 1982 में रस गंधर्व नाटक के दौरान दिए गए सुझावों को स्मरण किया। उन्होंने बताया कि उनके प्रायोगिक सुझावों से नाटक में अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ा। उन्होंने कई वर्षों तक इंडियन काॅफी हाउस में नियमित तौर पर उनके साथ बिताए समय को भी उन्होंने याद किया।

रंगकर्मी जवाहर कौल ने कहा कि शिमला में अच्छे नाटकों की स्क्रिप्ट लाने का श्रेय देवेन जोशी को जाता है। अच्छे निर्देशकों को बुलवाकर शिमला रंगकर्मियों के साथ नाटक करना कभी नहीं भुलाया जा सकता।

संजय सागर ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देवेन जोशी को आकर्षक व्यक्तित्व वाला व्यक्ति बताया, जिसमें ज्ञान कूट-कूट कर भरा था। उन्होंने कहा कि जब भी उनके साथ कार्य किया बहुत कुछ सीखने को मिला।

रंगकर्मी संजय सूद ने देवेन जोशी को निर्देशक के तौर पर बौद्धिक क्षमता वाला अनुभवी निर्देशक बताया वहीं कार्य के प्रति समर्पित, साहित्य का पारखी, ज्ञान का अथहा भंडार तथा सहज सहृदयी अत्यंत प्रभावित व्यक्तित्व वाला बताया। उन्होंने कहा कि शिमला रंगमंच को दशा और दिशा प्रदान करने के लिए सदैव याद रखा जाएगा।

देवेन जोशी के अति करीबी सीएस वालिया ने परिवार के साथ बिताए दिनों तथा देवेन जोशी के साथ जोशी मुद्राणालय में लोगों के साथ बढ़ते सम्पर्कों का जिक्र कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर भाषा कला संस्कृति अकादमी के सचिव डाॅ. कर्म सिंह ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

विभाग की ओर से प्रबंधक गेयटी थियेटर सुदर्शन ने विचार व्यक्त किए। लोक सम्पर्क विभाग केे सेवानिवृत संयुक्त निदेशक तेजु शर्मा ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सेवानिवृत जिला लोक सम्पर्क अधिकारी रमेश शर्मा ने भी अपने उदगार व्यक्त किए।

Deepika Sharma

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