संस्कृति

खास खबर: तारा डूबने अर्थात शुक्र अस्त होने पर क्या कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होगा ?

- मदन गुप्ता सपाटू,ज्योतिर्विद्,चंडीगढ़- मो-9815619620

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– पहली अक्तूबर से ,तारा डूबने के कारण , काफी लोगों में विशेषतः ज्योतिष के विद्वानों में असमंजस या विरोधाभास की स्थिति है क्योंकि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ,शुक्रास्त की अवधि में,कोई शुभ अथवा मांगलिक कार्य जैसे सगाई ,विवाह,गृह प्रवेश,नया कारोबार मुंडन, गृहपयोगी सामान, विवाह की वस्तुएं,जेवर खरीदना, उद्यापन, करवा चौथ व्रत आदि नहीं किए जाते।

वास्तव में विवाह के शुभ मुहूर्त देखते समय, आकाश में गुरु तथा शुक्र की पोजीशन ठीक होनी चाहिए जो इस बार पहली अक्तूबर से 28 नवंबर ,2022 तक ठीक नहीं है। इसीलिए अक्तूबर तथा नवंबर में विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं हैं।

परंतु क्या तारा डूबने से सारे कार्यों पर ब्रेक लग जाएगी? कोई खरीदारी नहीं होगी? करवा चौथ पर उद्यापन नहीं होगा? रावण को पुतला नहीं जलेगा ? दिवाली नहीं मनेगी? नवविवाहित जोड़े करवा चौथ का व्रत न रखें या उद्यापन न करें ? ये सब त्योहार खुशियों से भरपूर हैं।

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अब सारे विशेष मुख्य पर्व अक्तूबर मास में , शुक्रास्त के दौरान ही आ रहे हैं। नवरात्रों में , दशहरे पर, करवा चौथ पर, धन ़त्रयोदशी और यहां तक कि दीवाली पर भी तारा डूबा ही होगा। तो क्या कोई मांगलिक कार्य न करें ?

इस बार तो नर्क चौदस यानी छोटी दिवाली और बडी़ दिवाली आपको एक ही दिन 24 अक्तूबर को मनानी पड़ेगी क्योंकि 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण है। गोवर्धन पूजा,अन्नकूट और भाई दूज जैसे पर्व एक ही दिन 26 अक्तूबर को निपटाने पड़ेंगे।

आप हर त्योहार , उसकी भावना, अपनी आस्था, परिस्थितियों के अनुसार बिना किसी टेंशन के मनाएं।

ग्रहों की चाल

आकाश में सभी ग्रह चलायमान हैं जिनका प्रभाव धरती तथा धरती वासियों पर अवश्य पड़ता है ।

कुछ पंचांगों के अनुसार, शुक्र ग्रह 15 सितंबर को अस्त हो चुके हैं और कुछ के अनुसार पहली अक्तूबर को पूर्व में अस्त हुए हैं और अब 25 नवंबर को पश्चिम में उदित होंगे। इसके अलावा गुरु 28 जुलाई को वक्री हुए थे और 23 नवंबर को मार्गी होंगे। शनि ग्रह भी 23 अक्तूबर को मार्गी हो जाएंगे।

Deepika Sharma

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