जाइका से जुड़ी महिलाएं आजीविका सुधार के क्षेत्र में बन रही मिसाल
- वन विभाग की स्पोर्ट्स मीट के दौरान लगाए स्टॉल, हो रही बेहतरीन कमाई

– रसायन मुक्त एवं पारंपरिक उत्पादों की खूब हो रही बिक्री
रामपुर। जाइका वानिकी परियोजना से जुड़ी महिलाएं आज आत्मनिर्भता से आजीविका सुधार की मिसाल बन रही हैं। वन विभाग की स्पोर्ट्स एंड ड्यूटी मीट के दौरान यहां जाइका परियोजना के स्टॉल लगाए गए। जहां पर लोग रसायन मुक्त और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखते नजर आए। बता दें कि तीन दिनों तक चलने वाली इस स्पोर्ट्स मीट के दौरान यहां जाइका वानिकी परियोजना के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों ने बिक्री एवं प्रदर्शनी लगाई, जिससे उनकी बेहतरीन आमदनी हो रही है।

मां भगवती स्वयं सहायता तरांडा, जागृति स्वयं सहायता समूह बरी, जय मां दुर्गा लबाना-सदाना, भगवती मां सुघा कंधार, लक्ष्मी नारायण डेउ शाहधार समेत अन्य स्वयं सहायता की महिलाएं यहां उत्पाद बेच कर अच्छी कमाई कर रही हैं। गौरतलब है कि जाइका वानिकी परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के 22 वन मंडलों में 920 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं, जिसमें 90 प्रतिशत महिलाओं की भागिदारी है। शनिवार को वन बल प्रमुख एवं परियोजना के सीपीडी डा. संजय सूद ने भी रामुपर में लगे स्टॉल पर पहुंचे और उत्पाद बेच रही महिलाओं की जमकर सराहना की।


