सेंट थॉमस’ स्कूल, शिमला में वार्षिक सम्मान समारोह ‘रंग-ए-रिवायत’ का किया आयोजन

सेंट थॉमस’ स्कूल, शिमला में कक्षा छठी से बाहरवीं तक के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक सम्मान समारोह (Annual Appreciation Day) का आयोजन अत्यंत उत्साह, उमंग और भव्यता के साथ किया गया। इस वर्ष समारोह की थीम “रंग-ए-रिवायत: लोक परंपराओं का उत्सव” रही, जिसने भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

इस गरिमामय अवसर पर श्रीमती पूनम ठाकुर (HPRS), सहायक आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी (प्रवर्तन) तथा जिला शिमला की नोडल अधिकारी, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा और प्रतिष्ठा को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शैरन नंदा एवं मुख्य अतिथि द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात स्वागत गीत और मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया।
उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानाचार्या ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों द्वारा शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में प्राप्त प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया।
अपने संबोधन में प्रधानाचार्या ने कहा कि “वार्षिक सम्मान समारोह केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारे विद्यार्थियों में प्रतिदिन विकसित होने वाले समर्पण, रचनात्मकता और अच्छे चरित्र का सम्मान भी है। ‘रंग-ए-रिवायत’ जैसी थीम के माध्यम से बच्चों को लोक परंपराओं से जोड़ना यह सुनिश्चित करता है कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें और साथ ही उत्कृष्टता की ओर निरंतर अग्रसर हों।”
इस अवसर पर विद्यालय की हेड गर्ल नायशा ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों और अन्य आमंत्रित मेहमानों का औपचारिक स्वागत किया।
समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में पंजाबी भांगड़ा, राजस्थानी घूमर, अंग्रेज़ी गीत तथा आकर्षक नाट्य एवं नृत्य प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। सभी प्रस्तुतियों में पारंपरिक हिमाचली नाटी और विचारोत्तेजक अंग्रेज़ी नाटक ‘द नेकलेस’ (The Necklace) ने विशेष रूप से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इन प्रस्तुतियों को दर्शकों ने काफी सराहा।
मुख्य अतिथि श्रीमती पूनम ठाकुर ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की प्रशंसा की और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने उन्हें सदैव जिज्ञासु बने रहने, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अपनाने तथा दृढ़ संकल्प और आजीवन सीखने की भावना के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन भव्य पुरस्कार वितरण समारोह एवं सम्मान समारोह के साथ हुआ, जिसमें शैक्षणिक और पाठ्येतर गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस यादगार आयोजन का समापन कक्षा VIII की छात्रा ऋषा शर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समारोह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और भारतीय लोक परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को सुंदर रूप में प्रदर्शित किया।




