किताब घरों से हिमाचल के रचनाकारों को मिलेगा व्यापक पाठक वर्गः मुकेश अग्निहोत्री

हिमाचल के सात शहरों में शुरू हुए किताब घर, लेखकों को मिलेगा नया मंच
नाहन, सिरमौर और चम्बा में भी जल्द खुलेंगे किताब घर
साहित्य, संस्कृति और इतिहास की पुस्तकें एक ही स्थान पर होंगी उपलब्ध
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश में स्थापित किए गए ‘किताब घर’ हिमाचल की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को पाठकों तक सहजता से पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेंगे। यह किताब घर स्थानीय लेखकों को व्यापक पाठक वर्ग से जोड़ने और प्रदेश में पठन संस्कृति को नई ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में गेयटी थियेटर शिमला, देव सदन कुल्लू, कला केन्द्र सोलन, लता मंगेशकर कला केन्द्र ऊना, संस्कृति सदन हमीरपुर, बिलासपुर तथा मंडी में किताब घर संचालित किए जा रहे हैं। नाहन, सिरमौर और चंबा में ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूर्ण होते ही वहां भी किताब घर स्थापित किए जाएंगे।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि किताब घरों को केवल पुस्तक बिक्री केन्द्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें साहित्यिक संवाद, पठन-पाठन और सांस्कृतिक गतिविधियों के जीवंत केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। एक ही स्थान पर हिमाचल के साहित्य, संस्कृति और इतिहास से संबंधित पुस्तकों की उपलब्धता से विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा साहित्य प्रेमियों को विशेष सुविधा मिलेगी।
इन किताब घरों में भाषा एवं संस्कृति विभाग तथा हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तकें और पत्रिकाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के लेखकों की पुस्तकें तथा हिमाचल विषयक अन्य प्रकाशन भी बिक्री के लिए रखे जा रहे हैं, जिससे रचनाकारों को अपनी कृतियों को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाने का प्रभावी मंच मिल रहा है।
निदेशक, भाषा एवं संस्कृति विभाग रीमा कश्यप ने बताया कि किसी लेखक की एक पुस्तक की अधिकतम चार प्रतियां तथा एक लेखक की अधिकतम पांच अलग-अलग पुस्तकें किताब घर में बिक्री के लिए उपलब्ध करवाई जा सकती हैं। बिक्री राशि में से 10 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष राशि प्रत्येक तिमाही के अंत में लेखक के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
पुस्तकों पर ग्राहकों को दी जाने वाली छूट का निर्णय लेखक स्वयं कर सकेंगे और लिखित सूचना के अनुसार बिक्री की जाएगी। उन्होंने प्रदेश के सभी लेखकों और रचनाकारों से अपनी प्रकाशित पुस्तकें किताब घरों में विक्रय के लिए उपलब्ध करवाने का आग्रह किया ताकि हिमाचल की साहित्यिक चेतना को एक व्यापक और सशक्त मंच मिल सके



