
शिमला, 18 सितंबर 2026:
लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल विद्यालय, अपर कैथू, शिमला में 18 सितंबर 2026 को प्रातः 9:00 बजे नशीले पदार्थों के दुरुपयोग एवं सेवन की रोकथाम के विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय पंचकूला के मार्गदर्शन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजेश कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय पंचकूला रहे। इस अवसर पर श्री भूषण लाल, सहायक सचिव, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उप-क्षेत्रीय कार्यालय शिमला तथा श्री कुंडू, आसूचना अधिकारी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, चंडीगढ़ क्षेत्रीय इकाई विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री कुंडू ने दिन के मुख्य वक्ता एवं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभागियों को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। श्री भूषण लाल ने अपने संबोधन में कार्यक्रम के आयोजन हेतु विद्यालय परिसर एवं आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा इस महत्त्वपूर्ण जागरूकता पहल में विद्यालय के सहयोग की सराहना की।
इस विशेष जागरूकता सत्र में शिमला जिले के विभिन्न केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों एवं पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, वरिष्ठ शिक्षकों, विद्यालय परामर्शदाताओं तथा कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के दो-दो विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के लिए लगभग 70 विद्यालयों को आमंत्रण-पत्र भेजे गए थे, जिनमें से 42 विद्यालयों ने सक्रिय भागीदारी की। लगभग 300 प्रतिभागियों ने इस महत्त्वपूर्ण जागरूकता सत्र में सहभागिता की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों एवं मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सत्र में नशे से दूर रहने, सही निर्णय लेने, साथियों के दबाव का सामना करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
संवाद एवं प्रश्नोत्तर से जीवंत हुआ सत्र
कार्यक्रम की सबसे विशेष बात इसका संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण स्वरूप रहा। विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग तथा उसकी रोकथाम से संबंधित अनेक प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे। श्री कुंडू ने अपने अनुभव एवं विषय-विशेषज्ञता के आधार पर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस प्रश्नोत्तर सत्र ने कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, रोचक एवं व्यावहारिक बना दिया।
सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि नशे की रोकथाम केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विद्यालय, परिवार, शिक्षक, विद्यार्थी और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही एक सुरक्षित एवं नशामुक्त वातावरण का निर्माण संभव है।
विद्यालय परिवार ने किया भव्य स्वागत
विद्यालय की विद्या प्रबंधन की सचिव सिस्टर अपोलिना एवं विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्या श्रीमती रितु शर्मा, मुख्याध्यापिका श्रीमती मोनिका शर्मा, विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं विभिन्न विद्यालयों से आए सभी प्रतिभागियों का हार्दिक एवं भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रितु शर्मा ने प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से दूर रहने, अपने जीवन में सकारात्मक विकल्प चुनने तथा अपने साथियों और समाज में भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार युवा पीढ़ी के निर्माण में विद्यालय और शिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अपने धन्यवाद ज्ञापन में मुख्य अतिथि, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों, विशेष रूप से श्री भूषण लाल, सहायक सचिव, सीबीएसई उप-क्षेत्रीय कार्यालय शिमला, विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, परामर्शदाताओं एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।
यह जागरूकता कार्यशाला केवल जानकारी प्रदान करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि संवाद, सहभागिता और सामूहिक संकल्प का प्रभावी मंच बनी। विभिन्न विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल विद्यालय में आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों को स्वस्थ विकल्प चुनने, सही निर्णय लेने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने के लिए प्रेरित करने वाली एक सार्थक पहल सिद्ध हुई।



