हिमाचल प्रदेश की पहली फीचर फिल्म ‘खूंटा’ हिमाचल की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला रही
हिमाचल प्रदेश की पहली फीचर फिल्म ‘खूंटा’ हिमाचल की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला रही है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के जौनसार की संस्कृति गीत संगीत और लोक परम्परा की सशक्त अभिव्यक्ति फिल्म खूंटा की फ्रांस शहर में 16 मई 2026 को विश्व विख्यात Cannes Festival में Market Premiere और न्युयोर्क में 4 अगस्त 2026 Indie Film Festival Awards IFFA- 2026 को स्पैशल स्क्रीनिंग हुई। इस के अतिरिक्त खूंटा फिल्म को London Independent Film Awards और BHFF festival में best film Awards से नवाज़ा गया है।
खूंटा’ फिल्म सिर्फ प्रकृति की खूबसूरती ही नहीं, उसका सच भी दिखाती है। हिंदी सिनेमा में आज तक पहाड़ों की संस्कृति को अक्सर केवल खूबसूरत लोकेशन के रूप में दिखाया गया है, लेकिन ‘खूंटा’ फिल्म दुनिया को उसकी आवाज़ और आत्मा से रूबरू करवा रही है।
इस फिल्म में महासू महाराज के प्रति आस्था को भी बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। महासू महाराज करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और फिल्म का ट्रेलर इस विश्वास और सांस्कृतिक भाव को एक भव्य रूप में सामने लाता है। फिल्म की दुनिया प्रकृति और आस्था के इर्द-गिर्द घूमती है—जहाँ पहाड़ सिर्फ पहाड़ नहीं , नदियाँ सिर्फ पानी नहीं , और जंगल केवल संसाधन नहीं हैं। सभी संसाधन यहां के जन जीवन के लोक कल्याण और गहन आस्था के प्रतीक हैं। तभी पूज्यनीय हैं।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के जौनसार संस्कृति गीत संगीत और लोक परम्परा की सशक्त अभिव्यक्ति‘खूंटा’ फ़िल्म के निर्माता श्री मुकेश मोदी भारतीय अमेरिकी फिल्म निर्माता, निर्देशक और लेखक हैं। उन्होंने वर्ष 2021 की अंग्रेजी फिल्म ‘द एलेवेटर’ से निर्देशन और निर्माण की शुरुआत की थी। इसके अलावा उन्होंने ‘मिशन काशी’ वेब सीरीज और ‘पॉलिटिकल वॉर’ जैसी फिल्मों का निर्माण व निर्देशन किया है। स्वतन्त्र फिल्म निर्माताओं को मंच देने के उद्देश्य से ही इन्होंनें IFFA की नींव रखी। उन्हें वर्ष 2024 में ‘दादा साहब फाल्के फिल्म फाउंडेशन द्वारा’अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माता’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
खूंटा फिल्म की रचनाकार , निर्देशिका अनुशी शर्मा हैं। इस फिल्म के कलाकार हैं , अनुशी शर्मा, जवाहर कौल, ईशान आज़ाद, कार्तिक राय, आशू घनश्याम, मनुज वालिया, रिशान वर्मा। फिल्म का फिल्मांकन दीप सिंह ने किया है। संगीतकार हैं कंवर ठाकुर, रोहित मोदीका। एडिटिंग की है अभिनव मिश्रा ने।
‘खूंटा’ फिल्म वास्तविक कहानी से प्रेरित है, जो प्रकृति और इंसान के इसी गहरे और जटिल रिश्ते को सामने लाती है। ‘खूंटा’ विकास के खिलाफ नहीं है । यह एक ऐसी सोच को सामने लाती है जहाँ विकास और प्रकृति साथ चल सकें। वे चेहरे हैं जो पहाड़ों की सादगी और वास्तविकता को पर्दे पर लेकर आए हैं। संगीत की धुन पहाड़ों की पहचान है। इसमें वह आस्था है जो पीढ़ियों से लोगों को जोड़ती आई है।
अब जब ‘खूंटा’ की यात्रा भारत में शुरू हो चुकी है, तो यह दोनों राज्यों के लिए केवल एक फिल्म की रिलीज़ नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और अपनी पहचान को बड़े पर्दे पर देखने का एक गर्व का अवसर है। 18 सितम्बर 2026 को पूरे भारत में रिलीज होने जा रही है।
युवा पीढ़ी ने अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति और अपनी कहानी को दुनिया तक पहुँचाने का सपना देखा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता हासिल की।
‘खूंटा ‘ फिल्म की टीम आप के शहर में आप से दिनांक 11 सितंबर 2026 को सांय 3 बजे जश्न रैसटोरेन्ट में प्रैस वार्ता के माध्यम से रूबरू होगी।
सभी पत्रकार बंधुओं से आग्रह है कि वे 11 सितम्बर सांय 3 बजे जश्न रैसटोरेन्ट में प्रैस वार्ता में चर्चा के लिए समय संयोजन कर हमारी टीम का उत्साह वर्धन करें।



