EXCLUSIVE: वाह री सरकार : दक्षता योजना बंद: विभागों से छीनी ऑफिस हेल्प, गरीब युवाओं का कौशल विकास भी ठप।

शिमला।
हिमाचल प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जा रही ‘कम्प्यूटर एप्लीकेशन समवर्गी क्रियाकलापों के अंतर्गत दक्षता योजना’ लगभग दो वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ी है। योजना बंद होने से जहां सैकड़ों गरीब युवाओं का निशुल्क प्रशिक्षण और स्टाइफंड बंद हो गया है, वहीं सरकारी विभागों को मिलने वाली ऑफिस हेल्प भी पूरी तरह समाप्त हो गई है। पहले हर साल लगभग तीन हजार बच्चे छह महीने का प्रशिक्षण लेकर विभिन्न विभागों में डाटा एंट्री और अन्य कार्यों में सहयोग करते थे। इससे विभागों को अतिरिक्त मानव बल मिलता था, और युवाओं को व्यवहारिक अनुभव के साथ कौशल विकास का अवसर मिलता था। लेकिन अब यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, जिससे विभागों में कार्य प्रभावित हो रहा है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए अवसर सिमट गए हैं। सवाल उठता है कि जब यह योजना दोनों पक्षों के लिए लाभकारी थी तो इसे बंद क्यों कर दिया गया? करीब दो साल से योजना की फाइल आगे नहीं बढ़ी है। अलग-अलग वर्गों की ओर से मांग उठ रही है कि सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को तत्काल पुनः शुरू करे ताकि युवाओं को फिर से कौशल विकास का अवसर मिल सके और सरकारी विभागों को भी आवश्यक कार्यालयी सहयोग मिल सके।
पात्रता का ब्योरा इस प्रकार है: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन, विधवा वर्ग, बीपीएल परिवार अथवा वे आवेदक जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय दो लाख रुपये तक हो और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं पास हो। इन अभ्यर्थियों को PGDCA, DCA, BCA और संबंधित एक-वर्षीय कंप्यूटर प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान किया जाता था, जिसमें फीस भी विभाग द्वारा वहन की जाती थी और मासिक स्टाइफंड भी दिया जाता था।



