ALERT : शेयर बाजार में मुनाफे का सपना, कहीं डिजिटल ट्रैप तो नहीं!

फर्जी ट्रेडिंग ऐप, WhatsApp ग्रुप और Deepfake वीडियो से निवेशकों को फंसा रहे साइबर ठग
हिमाचल पुलिस की सलाह—पैसा लगाने से पहले STOP–CHECK–VERIFY करें
शिमला, 27 सितंबर। शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में बढ़ती दिलचस्पी के साथ साइबर अपराधियों ने निवेशकों को ठगने के नए-नए तरीके भी खोज लिए हैं। फर्जी ट्रेडिंग ऐप, WhatsApp और Telegram ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन, नकली इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट, Deepfake वीडियो और कम समय में बहुत अधिक रिटर्न का लालच देकर लोगों को डिजिटल जाल में फंसाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने निवेशकों को ऐसे ऑनलाइन निवेश फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी है।
Cyber Crime Investigating Officer एवं Additional SP हिमाचल प्रदेश पुलिस Narvir Singh Rathour ने कहा कि साइबर ठग पहले निवेशक का विश्वास जीतते हैं और इसके बाद धीरे-धीरे उससे बड़ी रकम निवेश करवाते हैं। उन्होंने कहा कि ठग फर्जी मुनाफे, fabricated screenshots, professional-looking trading apps और नकली expert profiles के जरिए भरोसा कायम करते हैं। जब पीड़ित पैसा निकालने की कोशिश करता है तो tax, penalty, processing charges या verification के नाम पर उससे दोबारा पैसे मांगे जाते हैं।
इन संकेतों को समझें, नहीं तो फंस सकते हैं
- Guaranteed या असामान्य रूप से ज्यादा रिटर्न का लालच।
- WhatsApp/Telegram पर अचानक मिलने वाले investment offers।
- फर्जी trading applications या APK files।
- Celebrity, financial expert या सरकारी अधिकारी के नाम पर बनाए गए fake videos और Deepfake।
- तुरंत निवेश करने का दबाव।
- Personal या third-party bank accounts में पैसा transfer करने की मांग।
- OTP, UPI PIN, password या trading credentials मांगना।
- अवास्तविक मुनाफे के screenshots दिखाना।
- किसी अनजान व्यक्ति द्वारा trading account operate या manage करने का प्रस्ताव।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह राठौर का Golden Rule—STOP, CHECK, VERIFY
STOP: किसी के दबाव में आकर या guaranteed return के लालच में तुरंत पैसा transfer न करें।
CHECK: Broker/adviser, trading application, website, registration और payment details को independently check करें।
VERIFY: SEBI और संबंधित stock exchange के official sources से जानकारी verify करें। निवेश कराने वाले व्यक्ति द्वारा भेजे गए links या phone numbers पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
Rathour ने कहा कि केवल professional-looking application, WhatsApp group या social-media profile देखकर किसी investment offer को genuine नहीं माना जा सकता। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने bank account, trading account, OTP, UPI PIN और अन्य confidential credentials का नियंत्रण किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें।
ठगी हो जाए तो तुरंत उठाएं कदम
यदि किसी व्यक्ति के साथ cyber investment fraud हो जाता है तो उसे तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके साथ ही National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करवाएं और अपने bank या payment service provider को भी तत्काल सूचित करें।
पीड़ित को screenshots, transaction details, UTR number, mobile numbers, URLs, application details और WhatsApp/Telegram chats सुरक्षित रखने चाहिए। पुलिस ने यह भी चेताया है कि ठगी के बाद पैसे वापस दिलाने के नाम पर संपर्क करने वाले लोगों को दोबारा कोई रकम न दें।
Rathour ने कहा, “पैसा transfer करने से पहले कुछ मिनट verification में लगाएं। Cyber investment fraud में verification ही आपकी hard-earned money को बचाने का सबसे मजबूत उपाय है।”


