सम्पादकीय

शिमला में अधूरी विकास योजनाओं का अंबार, 2025 में सबसे ज्यादा 59 प्रोजेक्ट लटके

WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (1)
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.21
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (2)

शिमला में अधूरी विकास योजनाओं का अंबार, 2025 में सबसे ज्यादा 59 प्रोजेक्ट लटके

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में सर्वाधिक 59 अधूरी योजनाएं दर्ज की गई हैं, जिनकी कुल लागत 1 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपये है। इसके बाद वर्ष 2023 में 16 योजनाएं (83.10 लाख) तथा वर्ष 2024 में 14 योजनाएं (47.80 लाख) अधूरी हैं। वर्ष 2019 में 7 योजनाएं, 2026 में 6 योजनाएं, 2018 में 5 योजनाएं तथा 2022 में 4 योजनाएं लंबित हैं। वहीं वर्ष 2013 और 2014 में 3-3 योजनाएं तथा वर्ष 2010, 2012, 2015, 2016, 2017 और 2021 में एक-एक योजना अधूरी दर्ज की गई है।

 

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एनएच के किनारे स्थापित होंगे सार्वजनिक शौचालय

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे सार्वजनिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिए आवश्यक बजट जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा।

जिला प्रशासन का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले यात्रियों, स्थानीय नागरिकों तथा पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक शौचालय उपलब्ध कराना है। इससे खुले में शौच की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।

No Slide Found In Slider.

खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे उपयुक्त स्थानों की पहचान कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन शौचालयों का नियमित रखरखाव और स्वच्छता बनी रहे।

 

जिला में बीपीएल परिवारों की e-KYC प्रक्रिया समीक्षा

जिला शिमला में बीपीएल (BPL) परिवारों की e-KYC प्रक्रिया में तेजी से कार्य किया जा रहा है। 4 अगस्त 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिला के कुल 2,751 बीपीएल परिवारों में से 2,358 परिवारों की e-KYC पूर्ण कर ली गई है, जबकि 393 परिवारों की e-KYC लंबित है। जिला में 12,733 सदस्यों में से 12,105 सदस्यों का सत्यापन (Verified) किया जा चुका है तथा 628 सदस्यों का सत्यापन शेष है।

विकास खंडवार स्थिति में चौपाल में सर्वाधिक 885 परिवारों की e-KYC पूरी की गई है। इसके अतिरिक्त रामपुर में 326, छोहारा में 271, कुपवी में 126, ठियोग में 125 तथा अन्य विकास खंडों में भी संतोषजनक प्रगति दर्ज की गई है। वहीं ननखड़ी विकास खंड में कुल 29 परिवार हैं, जिनमें अभी e-KYC कार्य प्रारंभ होना शेष है।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close