बड़ी ख़बर: विद्युत बोर्ड प्रबंधन की अनदेखी से नॉन-आईटीआई कर्मचारियों की पदोन्नति में ठहराव, तकनीकी कर्मचारी संघ ने जताई भारी नाराजगी

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने बोर्ड प्रबंधन और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया है। संघ ने जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि दिनांक *26/8/2023*को विद्युत बोर्ड द्वारा भर्ती एवं पदोन्नति (R&P) नियमों में संशोधन किया गया था। इस संशोधन के बाद से ही नॉन-आईटीआई (Non-ITI) कर्मचारियों की पदोन्नति (Promotion) में पूरी तरह से ठहराव आ गया है, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर व महासचिव चमन लाल शर्मा ने संयुक्त ब्यान में बताया कि इस समस्या के समाधान हेतु तकनीकी कर्मचारी संघ लगातार मुस्तैदी से प्रयासरत रहा है। संघ की ओर से बोर्ड के विभिन्न चीफ इंजीनियर्स (Chief Engineers) और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर्स (SEs) को बार-बार पत्र लिखकर आग्रह किया गया था कि इस कोटे का नए सिरे से निर्धारण किया जाए और इसे सेग्रेगेट (Segregate) करके कर्मचारियों को उनका हक दिया जाए।
संघ ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर रोष प्रकट किया:
मुख्यालय से कोई क्लेरिफिकेशन न मांगना:- बार-बार पत्राचार के बावजूद किसी भी चीफ इंजीनियर या एससी कार्यालय ने बोर्ड मुख्यालय से इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण (Clarification) मांगने की ज़हमत नहीं उठाई।
कोटे का सेग्रिगेशन न होना: अधिकारियों के ढुल – मुल रवैये के कारण इस कोटे को सेग्रेगेट करके कर्मचारियों को प्रदान नहीं किया गया, जिससे योग्य और वरिष्ठ नॉन-आईटीआई कर्मचारी पदोन्नति से वंचित रह गए हैं।
तकनीकी कर्मचारी संघ ने मांग की है कि दिनांक 26 – 08 – 23 के पदोन्नती नियमों में संशोधन के उपरान्त जो ITI व Non ITI तकनीकी कर्मचारी प्रभावित हुए हैं इस विषय में तकनीकी कर्मचारी संघ ने दिसंबर 2025 में कार्यसमिती में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमन्त्री हिमाचल प्रदेश सरकार एवं बोर्ड प्रबंधन वर्ग को सौंपा था तथा बोर्ड प्रबंधन वर्ग को कई बार पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इस विषय पर संज्ञान लेकर एकमुश्त पहोन्नती का लाभ शीघ्र दिया जाए । इस संशोधन से कुछ विद्युत मंडल में ITI कर्मचारी इस तरह से प्रभावित हुए हैं कि 2017 के टीमेट अभी तक पदोन्नत नहीं हो पाए हैं जबकि दूसरे मंडल में उनके जुनियर दो पद्धोन्नतियां लेकर लाइनमैन भी बन गय हैं जैसे विद्युत मण्डल न० 2 शिमला, विद्युत मण्डल मण्डी, विधुत मंडल पांगी इत्यादि क्योंकि इन मंडल में ALM के पद पर non ITI कर्मचारी हैं जो लाइनमैन के पद पर पदोन्नत नहीं हो पा रहे हैं ।
अधिकारियों के इस उदासीन और ढुलमुल रवैये पर कड़ा संज्ञान लेते हुए संघ ने अपनी तीखी नाराजगी जाहिर की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नॉन-आईटीआई कोटे के संपादन और क्लेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई, तो संघ कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बोर्ड प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की होगी।



