सम्पादकीयस्वास्थ्य

63 वर्षीय महिला के पेट के दुर्लभ कैंसर का फोर्टिस मोहाली में सीआरएस-हाइपेक सर्जरी के माध्यम से सफल उपचार

फोर्टिस अस्पताल मोहाली ने पेरिटोनियल सरफेस ऑन्कोलॉजी यूनिट की शुरुआत की, क्षेत्र की पहली और एकमात्र समर्पित यूनिट

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

63 वर्षीय महिला के पेट के दुर्लभ कैंसर का फोर्टिस मोहाली में सीआरएस-हाइपेक सर्जरी के माध्यम से सफल उपचार

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

शिमला, 16 जून, 2026: फोर्टिस कैंसर संस्थान, मोहाली, के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, ने एक 63 वर्षीय महिला, जो स्यूडोमायक्सोमा पेरिटोनी (पीएमपी) कैंसर से पीड़ित थीं, का साइटोरिडक्टिव सर्जरी (सीआरएस) और हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (हाइपेक) सर्जरी के माध्यम से सफल उपचार कर एक और चिकित्सीय उपलब्धि हासिल की है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पीएमपी कैंसर अत्यंत दुर्लभ है, जिसकी वार्षिक दर लगभग 10 लाख में 1–2 मामलों की है। डॉ. जितेंद्र रोहिला, सीनियर कंसल्टेंट, जीआई सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जन, फोर्टिस अस्पताल मोहाली, के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने हाल ही में मरीज का सीआरएस-हाइपेक सर्जरी के माध्यम से उपचार किया।

 

सीआरएस-हाइपेक को पीएमपी कैंसर के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड सर्जिकल उपचार माना जाता है। यह जटिल सर्जरी और पेट के भीतर कीमोथेरेपी का संयोजन है, जो उन्नत अवस्था के पेट के ट्यूमर को समाप्त करने के लिए किया जाता है। पीएमपी पेट का कैंसर है जो अपेंडिक्स से शुरू होता है और पेरिटोनियम (पेट की अंदरूनी परत) में म्यूकिन नामक जेली जैसे पदार्थ का उत्पादन करता है। इससे पेट में अत्यधिक सूजन (फूलना) हो जाती है, जो जेली जैसे तरल पदार्थ के अत्यधिक संचय के कारण होती है, और यह आंतों सहित पेट के सभी अंगों को प्रभावित करता है। ऐसे मरीजों में पेट दर्द, वजन या भूख में कमी और कभी-कभी आंतों में रुकावट जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

 

मरीज को गंभीर पेट की सूजन, मल त्याग की आदतों में बदलाव और भूख न लगने की समस्या थी। बाहर कराए गए सीटी स्कैन में अपेंडिक्स से उत्पन्न म्यूकिनस ट्यूमर का पता चला। राहत न मिलने पर उन्होंने अंततः डॉ. जितेंद्र रोहिला से फोर्टिस मोहाली में संपर्क किया, जहां चिकित्सीय जांच और पीईटी-सीटी स्कैन में अपेंडिक्स के निकट म्यूकिनस एसाइटिस (पेट में जेली जैसा पदार्थ) तथा पेल्विस और ऊपरी पेट गुहा में ट्यूमर जमाव पाया गया, जो कैंसर का संकेत था।

WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

 

ट्यूमर बोर्ड से चर्चा के बाद, डॉ. रोहिला ने मरीज की सीआरएस-हाइपेक सर्जरी की। साइटोरिडक्टिव सर्जरी में पेट से पूरे कैंसरग्रस्त हिस्से को शल्यक्रिया द्वारा हटाया जाता है, जबकि हाइपेक सर्जरी में पूर्ण सीआरएस सुनिश्चित करने के बाद ऑपरेशन थिएटर में ही पेट के भीतर गर्म कीमोथेरेपी दी जाती है।

 

मामले पर चर्चा करते हुए, डॉ. रोहिला ने कहा, “यह एक जटिल सर्जरी थी, जिसमें आंत का हिस्सा निकालना तथा लीवर और आंतों से ट्यूमर हटाना शामिल था। पूर्ण साइटोरिडक्शन में लगभग 9 घंटे लगे। ट्यूमर हटाने के बाद 90 मिनट तक हाइपेक किया गया। मरीज की सर्जरी के बाद रिकवरी सुचारु रही और उन्हें 10 दिन बाद छुट्टी दे दी गई। अब वह स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।”

 

सीआरएस-हाइपेक सर्जरी के बारे में बताते हुए डॉ. रोहिला ने कहा, “सीआरएस-हाइपेक का उपयोग उन कैंसरों के उपचार में किया जाता है जो अपेंडिक्स, बड़ी आंत (कोलन एवं रेक्टम), पेट, अंडाशय या पेरिटोनियम से फैलकर पेरिटोनियम तक पहुंच जाते हैं, जैसे कि स्यूडोमायक्सोमा पेरिटोनी, मैलिग्नेंट पेरिटोनियल मेसोथेलियोमा और प्राइमरी पेरिटोनियल कैंसर। सीआरएस-हाइपेक एक बड़ी सर्जिकल प्रक्रिया है और इसके लिए उच्च मात्रा वाले केंद्रों में प्रशिक्षित अनुभवी सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की टीम तथा पोस्ट-ऑपरेटिव जटिलताओं के प्रबंधन और सुचारु रिकवरी के लिए समर्पित आईसीयू (ICU) सहायता की आवश्यकता होती है।”

 

डॉ. रोहिला ने कहा, “फोर्टिस मोहाली में क्षेत्र का पहला और एकमात्र समर्पित पेरिटोनियल सरफेस ऑन्कोलॉजी विभाग है, जहां हाइपेक और पेरिटोनियल एरोसोल कीमोथेरेपी (PIPAC) सर्जरी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित सर्जन उपलब्ध हैं। यहां अंतरराष्ट्रीय प्रमाणित हाइपेक और PIPAC मशीन डिलीवरी सिस्टम, अत्याधुनिक आईसीयू, बहु-विषयक ऑन्कोलॉजी टीम और ऑन्कोपैथोलॉजिस्ट सहित सर्वोत्तम अवसंरचना उपलब्ध है।”

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close