चिट्टा तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, PIT-NDPS के तहत 11 कुख्यात तस्कर निरुद्ध

मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के तहत हिमाचल प्रदेश पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को राज्यभर में एक साथ अभियान चलाया। इस दौरान PIT-NDPS अधिनियम के तहत 11 कुख्यात और आदतन चिट्टा तस्करों को निरुद्ध किया गया।
पुलिस के अनुसार निरुद्ध किए गए तस्करों में बद्दी से एक, नूरपुर से तीन, कुल्लू से एक, शिमला से दो, सोलन से एक, कांगड़ा से एक, हमीरपुर से एक तथा बिलासपुर से एक तस्कर शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश में PIT-NDPS अधिनियम के तहत निरुद्ध किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या बढ़कर 187 हो गई है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कहा कि यह उपलब्धि नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क के विरुद्ध अपनाई गई आक्रामक रणनीति, मजबूत खुफिया तंत्र और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का परिणाम है। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तस्करों, आपूर्तिकर्ताओं और संगठित गिरोहों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पुलिस अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान, वित्तीय जांच, संपत्तियों को फ्रीज करने और PIT-NDPS जैसे निवारक कानूनों के माध्यम से नशा तस्करी के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की दिशा में भी काम कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से बचाना, समाज को सुरक्षित बनाना और नशामुक्त हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करना भी है। इसके लिए पुलिस ने युवाओं, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से इस जन-आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत 112 या निकटतम पुलिस थाना को दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व, जनसहयोग और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।


