विविध

बाहरा यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों के भावनात्मक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की

WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (1)
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.21
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (2)

 

बाहरा यूनिवर्सिटी ने अपने छात्र कल्याण विभाग के माध्यम से आज परिसर में विद्यार्थियों के लिए “भावनात्मक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन” विषय पर प्रभावशाली और उपयोगी कार्यशाला का सफल आयोजन किया।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM
Screenshot

“स्वयं को जानो – अपने भीतर देखो, बेहतर जीवन जियो” थीम पर आयोजित इस विशेष सत्र का संचालन प्रसिद्ध ट्रांसफॉर्मेशनल मनोवैज्ञानिक एवं काउंसलर डॉ. शिखा सरीन ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भावनात्मक संतुलन, आत्म-जागरूकता, तनाव प्रबंधन और मानसिक मजबूती के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

Screenshot

यह कार्यशाला ऐसे समय में आयोजित की गई, जब देशभर में बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो रहे हैं और कई विद्यार्थी प्रवेश, करियर तथा भविष्य को लेकर तनाव, चिंता और असमंजस का सामना कर रहे हैं। डॉ. शिखा सरीन ने विद्यार्थियों को समझाया कि किस प्रकार वे भावनात्मक दबाव को संभाल सकते हैं, आत्म-संदेह को दूर कर सकते हैं, सकारात्मक सोच बनाए रख सकते हैं और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय आत्मविश्वास के साथ ले सकते हैं।

No Slide Found In Slider.

इस अवसर पर छात्र कल्याण निदेशक अनुराग अवस्थी ने कहा कि भावनात्मक स्वास्थ्य विद्यार्थी जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी देखभाल शिक्षा और करियर के समान ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं पर पढ़ाई, अपेक्षाओं, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की योजनाओं का भारी दबाव है, ऐसे में मानसिक मजबूती और भावनात्मक संतुलन सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं।

विद्यार्थियों के साथ अपने सक्रिय जुड़ाव और छात्र-केंद्रित सोच के लिए जाने जाने वाले अवस्थी ने कहा कि बाहरा यूनिवर्सिटी हमेशा एक सकारात्मक, सहयोगी और प्रेरणादायक वातावरण बनाने के लिए कार्य करता है, जहाँ विद्यार्थी स्वयं को सुना हुआ, मार्गदर्शित और सशक्त महसूस करें। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, भावनात्मक संतुलन और जीवन के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होती हैं।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र में तनाव को नियंत्रित करने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की गई। पूरे कार्यक्रम ने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण तैयार किया, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने की प्रेरणा मिली।

विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ यह कार्यशाला एक समृद्ध, उपयोगी और यादगार सीखने का अनुभव साबित हुई।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close