आर्थिक संकट का समाधान वेतन रोकना नहीं: संयुक्त कर्मचारी महासंघ
हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने राज्य सरकार द्वारा 18 अप्रैल को जारी अधिसूचना के तहत कुछ श्रेणी के अधिकारियों के वेतन के एक हिस्से को छह माह के लिए स्थगित करने के निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान एवं महासचिव हीरा लाल वर्मा ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि यद्यपि महासंघ के हस्तक्षेप पर राज्य सरकार द्वारा वर्ग-1 एवं वर्ग-2 कर्मचारियों को दी गई छूट की समीक्षा किया जाना स्वागत योग्य है, तथापि आईएएस, आईपीएस, आईएफएस तथा विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों पर वेतन स्थगन का जारी रहना उचित नहीं है।
महासंघ का कहना है कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समान रूप से लोक सेवक हैं, जिनकी जिम्मेदारियां भले ही अलग-अलग हों, परंतु वे एक ही सेवा ढांचे के अंतर्गत कार्य करते हैं। उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों पर अधिक दायित्व एवं सामाजिक अपेक्षाएं होती हैं, जिसके चलते उनके वित्तीय दायित्व भी अधिक होते हैं।
महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मूल रूप से वेतन स्थगन जैसे उपायों का विरोध करता रहा है। आर्थिक चुनौतियों का समाधान कर्मचारियों के वेतन को स्थगित कर नहीं किया जाना चाहिए, जब तक कि कोई औपचारिक वित्तीय आपात स्थिति घोषित न हो।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों के देय महंगाई भत्ता (डीए) की किस्तों एवं 7वें वेतन आयोग के तहत देय राशि के रूप में 10,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले से ही लंबित है। ऐसे में वेतन स्थगन से कर्मचारियों में यह आशंका उत्पन्न हो सकती है कि उनके लंबित देयों के भुगतान में और अधिक विलंब हो सकता है।
महासंघ ने कहा कि इस प्रकार के निर्णय भविष्य में एक अनुचित परंपरा स्थापित कर सकते हैं, जिससे कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा एवं सरकार के प्रति विश्वास प्रभावित हो सकता है। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों एवं संस्थानों के प्रमुखों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे प्रशासनिक कार्यकुशलता भी प्रभावित होने की संभावना है।
महासंघ ने राज्य सरकार से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया है कि वेतन स्थगन के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इसे पूर्णतः वापस लिया जाए तथा इसके स्थान पर कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लंबित देयों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़े और प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो


