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हिमाचल हेल्थ सिस्टम की सच्चाई: सेवा के बदले ठहराव!

25 साल सेवा, फिर भी वही पद—हिमाचल के डॉक्टरों की पीड़ा

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हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) हिमाचल प्रदेश में मेडिकल ऑफिसर कैडर का भविष्य अंधकारमय, करियर की प्रगति को लेकर भारी तनाव में डॉक्टर हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) ने प्रदेश में चिकित्सा अधिकारियों (Medical Officers) के करियर में आए ठहराव और उनके असुरक्षित भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। वर्तमान में पूरा मेडिकल ऑफिसर कैडर अपने भविष्य और करियर की प्रगति (Career Progression) को लेकर भारी तनाव (Tense) में है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में प्रमोशनल पदों (Promotional Posts) की संख्या इतनी नगण्य है कि एक डॉक्टर अपना पूरा जीवन मरीजों की सेवा में समर्पित कर देता है, लेकिन धरातल पर स्थिति यह है कि 25 वर्षों की लंबी और कठिन सेवा के बाद भी एक मेडिकल ऑफिसर बिना किसी पदोन्नति और बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय लाभ (Financial Benefits) के उसी पद (मेडिकल ऑफिसर) पर सेवानिवृत्त होने को मजबूर है। उत्तराखंड और राजस्थान का कैडर स्ट्रक्चर: एक स्पष्ट तुलना यदि हम हिमाचल प्रदेश की तुलना राजस्थान और विशेष रूप से हमारे ही जैसे एक अन्य पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के कैडर स्ट्रक्चर से करें, तो हिमाचल की स्थिति अत्यंत निराशाजनक नजर आती है: • उत्तराखंड की व्यवस्था (DACP): उत्तराखंड में मेडिकल ऑफिसर्स के लिए ‘डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन’ (DACP) योजना लागू है। इसके तहत डॉक्टरों को सेवा के 4, 9, 13 और 20 वर्ष पूरे होने पर समयबद्ध तरीके से पदोन्नति (वित्तीय अपग्रेडेशन और ग्रेड पे में सुनिश्चित वृद्धि) का लाभ मिलता है। • राजस्थान की व्यवस्था: राजस्थान में भी चिकित्सकों के लिए समयबद्ध पदोन्नति और वित्तीय वृद्धि के सुदृढ़ व स्पष्ट प्रावधान हैं। • हिमाचल प्रदेश की विडंबना: इसके विपरीत, हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों को उनके इस बुनियादी हक और करियर ग्रोथ से पूरी तरह वंचित रखा जा रहा है। ACPS 4-9-14 की समाप्ति ने बढ़ाया संकट पूर्व में, हिमाचल में प्रमोशनल पदों की इस भारी कमी और उससे होने वाले वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए 4-9-14 एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम (ACPS) दी जाती थी, जिससे कैडर को कुछ वित्तीय सुरक्षा मिलती थी। लेकिन वर्तमान में प्रमोशन के अवसर न होने और इस तरह के स्पष्ट वित्तीय लाभों के न मिलने के कारण पूरा मेडिकल ऑफिसर कैडर अपने भविष्य को लेकर गहरे तनाव और चिंता में है। HMOA प्रदेश सरकार से यह पुरजोर मांग करती है कि उत्तराखंड (4, 9, 13, 20 वर्ष की DACP व्यवस्था) और राजस्थान की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी मेडिकल ऑफिसर कैडर के लिए एक उचित, सम्मानजनक और न्यायसंगत करियर प्रोग्रेशन स्ट्रक्चर तुरंत लागू किया जाए।

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Deepika Sharma

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