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कार्रवाई : स्टोरेज में लापरवाही पड़ी भारी, निरीक्षण में पकड़ी गई अनियमितताएं
1362 निरीक्षण किए गए जिसमें 05 दुकानों में अनियमितताएं पाई गई और इनसे 5910 रुपये जुर्माना एकत्रित किया गया।

लोगों को उपलब्ध करवाएं उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य वस्तुएं – उपायुक्त
जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली समिति की समीक्षा बैठक आयोजित
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि विभाग द्वारा खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति सही तरीके से होती है परन्तु उचित भण्डारण न होने की स्थिति में कई बार खाद्य वस्तुएं ख़राब हो जाती हैं इसलिए डिपो धारक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मिड-डे मील कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करें की खराब खाद्य वस्तुएं जनता या बच्चों तक पहुंचें और अगर कोई खाद्य वस्तु खराब पाई जाती है तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दें।
उपायुक्त आज यहां जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में त्रैमासिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
अनुपम कश्यम ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम विभिन्न योजनाओं के तहत जिला के लोगों को राशन मुहैया करवाया जा रहा है। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों के लिए राशन मुहैया करवाया जा रहा है। उचित मूल्य की दुकानों में खाद्य वस्तुओं की स्टोरेज सही जगह हो और लोगों को सही राशन मिले, इसकी जिम्मेदारी विभाग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। अगर किसी उचित मूल्य की दुकान में खराब खाद्य वस्तुओं की विक्री के बारे में शिकायत प्राप्त होती है तो सख्त करवाई अमल में लाई जाएगी। डिपुओं में खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति निरंतर रहनी चाहिए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
बैठक में बताया गया कि जिला में 627 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन मुहैया करवाया जा रहा है, जिसमें 348 सहकारी सभाएं, 234 व्यक्तिगत, 02 महिला मंडल, 02 ग्राम पंचायत व खाद्य आपूर्ति निगम की 41 दुकानें शामिल हैं। जिला में दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को 5525 क्विंटल चीनी, 32456 क्विंटल चावल, 57648 क्विंटल गन्दम आटा, 8251 क्विंटल दालें, 2260 क्विंटल आयोडाईजड़ नमक और 512038 लीटर खाद्य तेल उपलब्ध करवाया गया है। इस अवधि के दौरान, 1362 निरीक्षण किए गए जिसमें 05 दुकानों में अनियमितताएं पाई गई और इनसे 5910 रुपये जुर्माना एकत्रित किया गया। इसी प्रकार, होटल और ढाबों में 03 घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग करने पर उनसे 9000 रुपए जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त, 11 उचित मूल्य की दुकानों द्वारा प्राधिकरण का नवीनीकरण न करने पर उनसे प्रतिभूति राशि जब्ती के रूप में मुबालिक 44000 रुपए सरकारी कोष में जमा करवाए गए। उचित मूल्य की दुकानों द्वारा थोक गोदामों से बिलों को अस्वीकार करने पर उनसे विभाग द्वारा इस अवधि में 4,50,625 रुपए की राशि सरकारी कोष में जमा करवाई गई। दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक लिए गए विभिन्न खाद्यानों के 58 सैंपल से केवल 01 सैंपल की रिपोर्ट असंतोषजनक पाई गई।
बैठक में जिला के विभिन्न क्षेत्रों में 12 उचित मूल्य की दुकान खोलने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई और अन्य क्षेत्रों में उचित मूल्य की दुकान खोलने के प्रस्ताव का पुनः प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित
इसके पश्चात, जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के सफल क्रियान्वयन के बारे में चर्चा की गई। जिला में अधिनियम के तहत 84636 परिवारों को कवर करने का लक्ष्य है जिसमें 72147 ग्रामीण क्षेत्रों और 12849 शहरी क्षेत्रों के परिवार शामिल हैं। जिला शिमला में कुल 66230 परिवारों का चयन किया जा चुका है तथा 18406 परिवारों का चयन किया जाना शेष है।
इसके पश्चात, जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के सफल क्रियान्वयन के बारे में चर्चा की गई। जिला में अधिनियम के तहत 84636 परिवारों को कवर करने का लक्ष्य है जिसमें 72147 ग्रामीण क्षेत्रों और 12849 शहरी क्षेत्रों के परिवार शामिल हैं। जिला शिमला में कुल 66230 परिवारों का चयन किया जा चुका है तथा 18406 परिवारों का चयन किया जाना शेष है।
बैठक में बताया गया कि अंत्योदय अन्न योजना के तहत चयनित राशन कार्ड धारकों को निःशुल्क 15 किलोग्राम चावल और 18.800 किलोग्राम गन्दम आटा प्रति कार्ड मुहैया करवाया जाता है। इसी प्रकार, प्राथमिक गृहस्थियों को निःशुल्क चावल 2 किलोग्राम प्रति व्यक्ति और निःशुल्क 2.800 किलोग्राम गन्दम आटा प्रति व्यक्ति मुहैया करवाया जाता है। इसके अतिरिक्त, प्राथमिक गृहस्थियों की श्रेणी के अंतर्गत ऐसे बीपीएल परिवार जिन्हे राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम 2013 के उपरांत 35 किलोग्राम से कम खाद्यान्न मिल रहे थे, को बीपीएल दरों पर अतिरिक्त गन्दम व चावल उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि प्रत्येक बीपीएल परिवार को कम से कम 35 किलोग्राम खाद्यान्न प्राप्त हो सकें। गरीबी रेखा से ऊपर अर्थात एपीएल श्रेणी के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं को गन्दम आटा 12 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से 14 किलोग्राम प्रति कार्ड तथा चावल 13 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से 6 किलोग्राम प्रति कार्ड उपलब्ध करवाए जाते हैं।
जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने क्रमवार मदों को प्रस्तुत किया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस ममता पॉल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।बड़ी ख़बर:
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस ममता पॉल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।बड़ी ख़बर:



