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राज्यसभा चुनाव पर उठे सवाल, प्रमाण पत्र जारी करने के फैसले की उच्च स्तरीय जांच की मांग — राजेंद्र राणा

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शिमला,
हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर उठे विवाद पर मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज्यसभा प्रत्याशी अनुराग शर्मा को जारी किए गए जीत के प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

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आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को एक विस्तृत शिकायत भेजी गई है, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा की उम्मीदवारी को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9A के तहत अयोग्य ठहराने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उम्मीदवार के हलफनामे में स्वयं यह उल्लेख है कि उनका मुख्य व्यवसाय सरकारी ठेकेदारी है और उनके कई सरकारी ठेके जारी हैं, जो इस धारा के तहत अयोग्यता का आधार बन सकते हैं।

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राणा ने कहा कि यही तथ्य पहले निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) के सामने भी रखे गए थे और उनसे अनुरोध किया गया था कि कानून के प्रावधानों के अनुसार हलफनामे और दस्तावेजों की जांच कर उचित निर्णय लिया जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन तथ्यों पर गौर नहीं किया गया और सरकार के दबाव में आकर निर्वाचन अधिकारी ने अनुराग शर्मा को राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

भाजपा नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से आग्रह किया कि मामले में हस्तक्षेप कर शिकायत में उठाए गए तथ्यों की जांच करवाई जाए और यदि किसी स्तर पर कानून की अनदेखी हुई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

राजेंद्र राणा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सर्वोपरि होती है और यदि किसी भी स्तर पर कानून के प्रावधानों की अनदेखी हुई है तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

Deepika Sharma

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