UNESCO टीम और अभिभावकों के साथ सार्थक संवाद, शिक्षा में वैश्विक मानकों की ओर कदम

आज राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मशोबरा में “शिक्षा संवाद” कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर Pratham Education
Foundation (प्रथम शिक्षा फाउंडेशन) के तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के विद्यालयों में UNESCO -हिमाचल प्रदेश फ्यूचर परियोजना का आरंभ किया जाना है। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को 21वीं शताब्दी की कौशल एवं दक्षता आधारित शिक्षा उपलब्ध करवाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत यूनेस्को की अंतरराष्ट्रीय टीम ने विद्यालय का दौरा किया, जिसमें मेलबर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया की प्रोफेसर एस्थर केयर, संयुक्त राज्य अमेरिका के शिक्षा विभाग की सुश्री हेलेन किम, यूनेस्को दक्षिण एशिया की मोनिका लामा, यूनेस्को समन्वयक श्री संतोष तिवारी, तथा प्रथम शिक्षा फाउंडेशन के प्रमुख श्री शुभेंदु चक्रवर्ती, श्रीमती नीतू बर्तवाल, श्री हिमांशु पिप्पल एवं श्री नरेंद्र उपस्थित रहे। विद्यालय पहुंचने पर यूनेस्को टीम का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। तत्पश्चात टीम ने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया, शिक्षकों के साथ शैक्षणिक गतिविधियों पर चर्चा की तथा अध्यापन पद्धतियों का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त समुदाय, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ भी सार्थक विचार-विमर्श किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को 21वीं सदी की कौशल-आधारित एवं दक्षता-आधारित शिक्षा के महत्व से अवगत करवाते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया।
इसी क्रम में आज हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानव पैपिलोमा विषाणु टीकाकरण संबंधी जागरूकता अभियान भी आयोजित किया गया, जिसमें स्वास्थ्य केंद्र मशोबरा से आए डॉ. सुनील ठाकुर एवं उनकी टीम ने छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को मानव पैपिलोमा विषाणु के टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी, सभी भ्रांतियों का समाधान किया तथा उन्हें टीकाकरण के लिए आगे आने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं विद्यालय में वर्ष भर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों द्वारा विविध वैज्ञानिक प्रयोगों एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित अतिथियों को अत्यंत प्रभावित किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. अनीता गुप्ता ने उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए बाहर से पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए भविष्य में विद्यालय के उन्नयन, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण तथा तकनीकी विकास की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अंतर्गत विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय की मेधावी छात्राओं एवं छात्रों — अनीशा, प्रिंस खोजान, दिलप्रीत सिंह, मानसी, ऋचा सोनी एवं प्रज्वल ठाकुर — को “श्रीनिवास रामानुजन विद्यार्थी डिजिटल योजना” के अंतर्गत ₹16,000-₹16,000 के वाउचर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. अनीता गुप्ता द्वारा वितरित किए गए।
इसी अवसर पर विद्यालय के समग्र शिक्षा अभियान प्रभारी श्री रमन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा संवाद के अंतर्गत होने वाली विचार-विमर्श की प्रक्रिया, शिक्षक–अभिभावक संवाद तथा विद्यालय में आयोजित इस प्रकार की गतिविधियाँ शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक परिप्रेक्ष्य में व्यापक सुधार लाने में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के नवाचारपूर्ण प्रयासों के माध्यम से विद्यालय 21वीं शताब्दी की दक्षता एवं कौशल आधारित शिक्षा के क्रियान्वयन में अपना भरपूर योगदान देगा तथा विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।


