शिक्षा

शिक्षकों की भर्ती में बड़ी राहत: न्यूनतम आयु सीमा 23 वर्ष समाप्त करने का रास्ता साफ़

शिक्षा मंत्री ने संस्थागत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में तेजी लाने के निर्देश

WhatsApp Image 2026-02-05 at 5.59.45 PM

योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों की समीक्षा की

No Slide Found In Slider.
No Slide Found In Slider.

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए गुणात्मक शिक्षा की दिशा में किए जा रहे सुधारों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य भर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और संस्थागत सुविधाओं को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक मानकों में सुधार लाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना वर्तमान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग और सरकारी संस्थानों में मजबूत शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में 39 छात्र और छात्रा विद्यालयों का विलय कर सह-शिक्षा संस्थानों में परिवर्तित किया गया है, ताकि बुनियादी ढांचे और शिक्षण स्टाफ का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, शून्य नामांकन वाले 39 विद्यालयों को निरस्त करने के लिए शीघ्र ही अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि दो किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाले विद्यार्थियों को समय पर परिवहन भत्ता उपलब्ध करवाया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को गैर-सीबीएसई विद्यालयों के विलय के लिए प्रारूप तैयार करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 100 से कम नामांकन वाले महाविद्यालयों का भी विलय किया जाएगा, ताकि संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का समायोजन आवश्यकता के अनुसार अन्य संस्थानों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से व्यावसायिक पाठयक्रमों, शिक्षकों की भर्ती या वर्तमान कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के परिणामस्वरूप किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।
खेल अधोसंरचना के विकास के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार नए और उन्नत खेल छात्रावासों को तत्काल प्रभाव से कार्यशील करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नवोदित खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इनमें जिला शिमला के चौपाल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्र खेल छात्रावास (वॉलीबॉल), जिला सिरमौर के शिलाई स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कन्या खेल छात्रावास (कबड्डी), जिला शिमला के जुब्बल स्थित ठाकुर राम लाल कन्या खेल छात्रावास में लड़कियों के लिए बॉक्सिंग खेल की शुरुआत तथा जिला बिलासपुर के मोरसिंघी में हैंडबॉल खेल छात्रावास शामिल हैं। इन नई व्यवस्थाओं के साथ खेल छात्रावासों में संबंधित खेल विधाओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जिससे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
रोहित ठाकुर ने खेल छात्रावासों के लिए लंबित 1.2 करोड़ रुपये के डाइट फंड को शीघ्र जारी करने तथा इस धन राशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा मंत्री ने विभाग को एससीईआरटी द्वारा तैयार मॉडयूल के आधार पर नव पदोन्नत प्रधानाचार्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 23 वर्ष को समाप्त करने और आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश दिए।
उन्होंने आंगनवाड़ियों और पीईपी की संयुक्त घोषणा से संबंधित मामलों तथा राज्य में पीएम-श्री विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा विभाग द्वारा वित्तपोषित एनसीसी कैडेटों के लिए हैंगर एयरपोर्ट सुविधा पूरी तरह से संचालित करवाने पर संतोष व्यक्त किया।  पहले कैडेटों को जालंधर हवाई अड्डे जाना पड़ता था, लेकिन अब वे सीधे कुल्लू हवाई अड्डे में उतर सकते हैं, जिससे यात्रा और प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं काफी सुगम हो गई हैं।
बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close