ASAR EXCLUSIVE: महिला सुरक्षा पर अहम बैठक, पर समन्वय पर सवाल
एनसीडब्ल्यू कंसल्टेशन से हिमाचल महिला आयोग की गैरमौजूदगी चर्चा में

शिमला, 12 फरवरी:
उच्च शिक्षण संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा शिमला में आयोजित स्टेट लेवल कंसल्टेशन के बीच संस्थागत समन्वय को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं। हिमाचल प्रदेश महिला आयोग इस अहम कार्यक्रम में मौजूद नहीं हो पाया ।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की तिथि निर्धारित करने से पूर्व उनसे कोई औपचारिक संवाद या समन्वय नहीं किया गया, जिसके कारण वे इसमें भाग नहीं ले सके।
राज्य महिला आयोग की माने तो धर्मशाला में दो दिवसीय कोर्ट की कार्यवाही पूर्व निर्धारित थी। न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार सुनवाई से लगभग 15 दिन पहले समन जारी किए जाते हैं और संबंधित पक्षों को सूचित किया जा चुका था। ऐसी स्थिति में कार्यवाही को स्थगित करना संभव नहीं था। वर्तमान में आयोग का संपूर्ण स्टाफ कांगड़ा में तय मामलों की सुनवाई में व्यस्त है।
फिलहाल जो भी हुआ लेकिन महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित कार्यक्रमों में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। यदि पूर्व सूचना और समन्वय होता, तो साझा भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती थी।
गौरतलब है कि एनसीडब्ल्यू द्वारा शिमला के बचत भवन में आयोजित इस कंसल्टेशन में POSH एक्ट, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन, इंटरनल कमेटियों की सक्रियता और कैंपस में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर मंथन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस, विश्वविद्यालय प्रशासन, कानूनी विशेषज्ञ और छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
ग़ौर हो कि हिमाचल में भी अब महिला उत्पीड़न के कई गंभीर मामले देखे जा रहे हैं जिसके लिए राज्य और केंद्र सरकार में दोनों के तालमेल के साथ महिला उत्थान को और मज़बूती मिल सकती है
लेकिन महिला सुरक्षा के व्यापक लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न संस्थाओं के बीच प्रभावी संवाद, सहयोग और साझेदारी को और मजबूत किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।जिसमें पार्टी से उठकर जनहित में करना होगा




