आख़िर क्यों नाराज़ हुए हिमाचल के दिव्यांग खिलाड़ी ।
दिव्यांग खिलाड़ी सिंघानिया यूनिवर्सिटी से खुश पर सरकार से नाराज़

प्रदेश के लिए अतिरिक्त नाम कमाने का अफ़सोस ।
राजस्थान की पचेरी कलां, झुंझनू में सिंघानिया विश्वविद्यालय, में पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित पैरा थ्रोबॉल नेशनल फेडरेशन कप 2026 सह ट्रायल चयन (द्वितीय एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप 2026 हेतु) का तीन दिवसीय आयोजन भव्य एवं गरिमामय समापन समारोह सोमवार को सम्पन्न हुआ। समापन समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा पौधरोपण के साथ की गई, इसके पश्चात सभी अतिथियों को शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
डिसेबल्ड स्पोर्ट्स एसोसिएशन, के बैनर तले, हिमाचल प्रदेश से पैरा थ्रो बॉल नेशनल फेडरेशन कप, खेलने के लिए 7 खिलाड़ी राजस्थान पहुंचे थे।

हिमाचल प्रदेश के लिए ये पहला मौका था, कि प्रदेश की टीम ने थ्रोबॉल में भाग लिया जिनमें अंतराष्ट्रीय सिटिंग बॉलीबॉल खिलाड़ी व डिसेबल्ड स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्षा ने, टीम मैनेजर एवं कोच कैप्टन अनिल कुमार बिलासपुर, वाइस कैप्टन बृज मोहन मंडी , शशि पाल बिलासपुर, कृष्ण कुमार कुल्लू , सुनील कुमार और रमेश चन्द भारद्वाज मंडी हिमांशु बिलासपुर इत्यादि खिलाड़ियों ने भाग लिया।
टीम में से कुछ खिलाड़ियों का चयन एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप 2026 हेतु हुआ है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
डिसेबल्ड स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष व हिमाचल दिव्यांग कल्याण समिति के प्रदेश महासचिव व सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चन्द भारद्वाज ने बताया, कि वो सिंघानिया यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित इस नेशनल फेडरेशन कप के आयोजन को लेकर अति प्रसन्न हैं, तथा वो दिव्यांगों के लिए इस लाइफटाइम आयोजन को लेकर, यूनिवर्सिटी के स्टाफ की भूमिका को लेकर भी अति प्रसन्न हैं, जिसमें सिंघानिया हॉस्पिटल के कई काबिल डॉक्टर्स और यूनिवर्सिटी के कई विभागों के कई विभाग प्रमुख शामिल थे।
उन्होंने बताया कि सिंघानिया
यूनिवर्सिटी की तरफ़ से रहने और खाने का अच्छा इंतज़ाम किया था, लेकिन खिलाड़ियों को आने जाने के लिए किराए की व्यवस्था भी होनी चाहिए थी।
उन्होंने केंद्र और वहां उपस्थित खिलाड़ियों से संबंधित सभी प्रदेश सरकारों से आग्रह किया है, कि वो उनका मनोबल बनाए रखने हेतु, प्रति खिलाड़ी ₹ 11,000/- + बस/ट्रेन का आने जाने का किराया, प्रथम विजेता टीम को ₹ 5 लाख, द्वितीय विजेता टीम को 3 लाख, तथा तृतीय विजेता टीम को 1 लाख, सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को 50 हज़ार तथा एशिया कप के लिए चयनित टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को आने जाने की फ्री सुविधा और फ्री कोचिंग दिलवाएं, जिससे वो विश्वस्तर पर प्रदेश और देश का नाम चमका सके।
रमेश चन्द भारद्वाज ने दिव्यांगों के हित में अबतक भेजी गई तमाम मांगों और ज्ञापनों की प्रतिलिपि, समारोह में उपस्थित,
समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा जिला महामंत्री राजेश दहिया तथा अन्य सभी विशिष्ठ अतिथियों को भेजी है तथा उन सबसे इन सभी वास्तविक मांगो को, उनकी तरफ़ से सरकार को भेजने और अमलीजामा पहनाने की गुहार लगाई है। उन्होंने पूरे देश में दिव्यांगों के लिए एक जैसी सुविधाएं और एक बराबर पेंशन दिलवाने की भी मांग की है। उन्होंने मंच पर से कविता पढ़कर आयोजकों का धन्यवाद किया तथा उपस्थित दिव्यांगों का मनोबल बढ़ाया।
द पैरा थ्रोबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और एसियन पैरा थ्रोबाल फेडरेशन एंड वर्ल्ड पैरा थ्रोबाल फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल डॉक्टर वी अल्बर्ट प्रेमकुमार (B.A. M.P.Ed., M.Phil., Ph.D, M.B.A.), ने हिमाचल के पैरा खिलाड़ियों को हर संभव सहायता और मार्गदर्शन करने का आश्वाशन दिया है, तथा वो चाहते हैं, कि दिव्यांग खेलों को अपना माध्यम बनाकर, उनकी और अन्य लोगों की तरह देश और दुनिया का भ्रमण करें।
ये सभी खिलाड़ी पहली बार गए थे तथा उन्हें न ही तो थ्रोबाल के बारे में कोई जानकारी थी, न कोई प्रैक्टिस न ही कोई कोचिंग, लेकिन फिर भी इन खिलाड़ियों ने 5 में 2 मैच जीते तथा 3 टीमों के साथ कड़ा मुकाबला किया।
गौरतलब यहां से चयनित खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण यहां तक पहुंचना है, क्योंकि सभी पैरा खिलाड़ी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। रमेश ने मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश, तमाम सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों से हिमाचल प्रदेश में भी इस तरह के मनोबल बढ़ाने वाले समारोहों को करवाने का आग्रह किया है।
प्रदेश अध्यक्ष हरि दास प्रजापति ने सभी को इस मौके पर बधाई दी है।



