छात्रों को ‘रेडी टू जॉब’ बनाने के लिए हिमाचल-तेलंगाना में बढ़ा सहयोग

*शिमला*
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अगुवाई में हिमाचल प्रदेश का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों तेलंगाना के दौरे पर है। बीते दिन मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात के बाद आज शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने तेलंगाना के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू से भेंट की। इस दौरान शिक्षा और अन्य विकासात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा, स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की जानकारी उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू को दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ स्कूल स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल एजुकेशन) को सुदृढ़ कर रही है।
सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार योग्य कौशल से भी लैस करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक 16 विभिन्न व्यावसायिक ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें एक लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। ये ट्रेड स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं और उभरते रोजगार क्षेत्रों को ध्यान में रखकर चुने गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और कार्यस्थल की तैयारी कराई जा रही है, जिससे वे नौकरी या स्वरोजगार की ओर सहजता से बढ़ सकें। छात्रों को उद्योग से जोड़ने के लिए फील्ड विज़िट और औद्योगिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है तथा जॉब फेयर और प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में कौशल विकास को और मजबूत करने के लिए सोलन स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में एक आधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है। यह केंद्र छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, नवाचार, उद्यमिता और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ रहा है। यहाँ प्रशिक्षण के साथ-साथ उद्यम शुरू करने के लिए मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
*औद्योगिक क्षेत्र के साथ करार कर छात्रों को बनाया जा रहा है ‘रेडी टू जॉब’*
तेलंगाना के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि तेलंगाना सरकार छात्रों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उद्योग विभाग ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर विभिन्न उद्योगों से एमओयू किए हैं, जिनके तहत व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को उद्योगों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें सीधे रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।
*छात्रों को एआई आधारित कौशल प्रशिक्षण देने की पहल*
उद्योग मंत्री ने बताया कि तेलंगाना सरकार एआई आधारित कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल के माध्यम से सरकारी स्कूलों के छात्र आधुनिक तकनीक के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उभरती तकनीकों के अनुसार शिक्षकों की क्षमताओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि वे विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी और रोजगारपरक व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर सकें।
*छात्रों और युवाओं को सॉफ्ट स्किल्स से सशक्त बना रही सरकार*
डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि तेलंगाना सरकार ‘तेलंगाना अकादमी फॉर स्किल एंड नॉलेज (TASK)’ के माध्यम से युवाओं को तकनीकी एवं सॉफ्ट स्किल्स में प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को रोजगार योग्य बनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य 21वीं सदी के आवश्यक कार्यस्थल कौशल विकसित करना है, ताकि युवा अधिक सक्षम, आत्मविश्वासी और उद्योग-तैयार बन सकें। इसके साथ ही, युवाओं में उद्यमशील सोच विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे वे स्वयं का व्यवसाय आरंभ कर सकें और नवाचार व रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उम्मीद जताई है कि यह दौरा दोनों राज्यों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।



