कांगड़ा वैली कार्निवल पर यू-टर्न “आदेश वापिस “

कांगड़ा वैली कार्निवल के नाम पर व्यापारियों से योगदान मांगने का मामला अब प्रशासन के लिए असहज स्थिति बन गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, कांगड़ा (धर्मशाला) ने पेट्रोल पंपों, एलपीजी एजेंसियों, HPTA लाइसेंसधारकों, चावल-आटा मिलों और ईंट भट्ठा मालिकों से चंदा मांगने वाला अपना पत्र अचानक वापस ले लिया है।
17 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में कार्निवल के लिए आर्थिक सहयोग का “अनुरोध” किया गया था, लेकिन व्यापारी संगठनों में विरोध और सवाल उठने के बाद विभाग को यू-टर्न लेना पड़ा। नए कार्यालय आदेश में साफ कहा गया है कि पूर्व पत्र को रद्द माना जाए और किसी भी प्रतिष्ठान से कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी महकमे कार्निवल जैसे आयोजनों के लिए निजी व्यापारियों से योगदान मांग सकते हैं? आदेश वापस होना इस बात की पुष्टि करता है कि मामला नियमों की कसौटी पर खरा नहीं उतर पाया।




