IIM सिरमौर ने STEM शिक्षकों के लिए MDP का दूसरा बैच सफलतापूर्वक पूरा किया

IIM सिरमौर ने STEM शिक्षकों के लिए MDP का दूसरा बैच सफलतापूर्वक पूरा किया

सिरमौर, हिमाचल प्रदेश | 25-29 नवंबर 2025 भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) सिरमौर ने समग्र शिक्षा अभियान (SSA) हिमाचल प्रदेश के STEM शिक्षकों के लिए पाँच दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (MDP) “लीडिंग साइंस क्लासरूम्स, शेपिंग साइंटिफिक फ्यूचर्स” का दूसरा बैच सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह कार्यक्रम 25 से 29 नवंबर 2025 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विज्ञान शिक्षा में नवाचार, नेतृत्व क्षमता और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को सशक्त बनाना था।
21वीं सदी के विज्ञान शिक्षण पर केंद्रित प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान निम्न प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गईः
अंतर्विषयक (Interdisciplinary) शिक्षण
डिजाइन थिंकिंग और प्रोटोटाइपिंग
वास्तविक जीवन आधारित समस्या समाधान
सिमुलेशन एवं वर्चुअल लैब्स
संदर्भ-आधारित (Context-based) शिक्षा
अटल लैब्स का उपयोग तथा अभिनव कक्षा गतिविधियाँ
शिक्षकों ने पारंपरिक शिक्षण से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन के अनुभवों को कक्षा में जोड़ने के तरीकों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता फील्ड-आधारित हाथ-से-हाथ गतिविधियाँ थीं, जिनमें प्रतिभागियों ने प्रोटोटाइप तैयार किए और कक्षा में छात्रों की वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने के वैकल्पिक तरीकों की खोज की।

अनुभवी संकाय एवं विशेषज्ञों द्वारा संचालित
यह कार्यक्रम IIM सिरमौर के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों डॉ. अद्वैता राजेन्द्र, डॉ. परीजात लांके, और डॉ. उज्ज्वल कांगो द्वारा संचालित किया गया।
साथ ही अतिथि विशेषज्ञों डॉ. दीपक मौन, डॉ. गुरप्रीत, डॉ. चारुदत नवरे, कृति बोस, तथा भूपिंदर सिंह ने विषय-विशेष से संबंधित गहन ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
STEM शिक्षा को आगे बढ़ाने में मज़बूत सहयोग
यह पहल समग्र शिक्षा अभियान, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें प्रमुख सहयोगी रहे:
सुश्री सोनिया शर्मा, गुणवता समन्वयक माध्यमिक शिक्षा
माध्यमिक शिक्षा शिक्षक प्रशिक्षण समन्वयक
श्री राजेश शर्मा (IFS), राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा
कार्यक्रम को सफल बनाने में आईआईएम सिरमौर के निदेशक प्रो. प्रफुल्ल अग्निहोत्री तथा सचिव, शिक्षा विभाग, हिमाचल प्रदेश का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
STEM शिक्षा सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह कार्यक्रम IIM सिरमौर और समग्र शिक्षा अभियान, हिमाचल प्रदेश द्वारा STEM शिक्षा को सशक्त बनाने, शिक्षकों की क्षमताओं को विकसित करने तथा पेशेवर उन्नयन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल शिक्षकों को एक अधिक अंतर-विषयक और तकनीक संचालित शैक्षिक वातावरण के लिए तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम है।
समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा का कहना है कि हिमाचल प्रदेश के 700 स्कूलों में प्रायोगिक आधार पर STEM शिक्षा की शुरुआत की गई है। इसके तहत विज्ञान शिक्षकों को रोबोटिक्स, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की समझ विकसित करने के लिए विशेष STEM प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वही प्रशिक्षण समन्वयक (माध्यमिक) सोनिया शर्मा ने बताया कि साथ ही, उन्हें सरकार द्वारा स्थापित ATL (अटल टिंकरिंग लैब्स) में उपलब्ध उपकरणों के उपयोग का भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि छात्रों में 21वीं सदी के आवश्यक कौशल विकसित किए जा सकें।




