
आरकेएमवी की छात्राओं में जागी सेवा भावना — डॉ. किमी सूद ने सिखाया प्राथमिक उपचार का महत्व

राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला में रेड क्रॉस द्वारा “नीड बेस्ड ट्रेनिंग” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनुरिता सक्सेना की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर रेड क्रॉस समिति कि समन्यवक डॉ लक्ष्मी सिंधु , सह समन्वयक गीता शर्मा, प्रोफेसर उपमा शर्मा, प्रोफेसर शीतल एवं प्रोफेसर अनुराधा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत जूनियर रेड क्रॉस(JRC) के कॉर्डिनेटर वीरेंद्र सिंह बिष्ट यूथ रेड क्रॉस (YRC) [ हिमाचल प्रदेश स्टेट रेड क्रॉस सोसाइटी शिमला ] मौजूद रहे । इसके साथ ही ट्रेनिंग कॉर्डिनेटर डिस्ट्रिक्ट रेड क्रॉस ब्रांच शिमला के सिद्धार्थ भी मौजूद रहे। (YRC) यूथ रेड क्रॉस समिति कि (RKMV) की लगभग 120 छात्राओं को डॉ. किमी सूद द्वारा बेसिक फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्यार्थियों को आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार देने की तकनीक, घायलों की सहायता करने की विधि तथा दुर्घटना के समय उचित व्यवहार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

महाविद्यालय की प्राचार्या ने रेड क्रॉस द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों में सेवा भाव, जागरूकता तथा मानवीय मूल्यों का विकास करते हैं।प्राचार्या महोदया ने बताया कि प्राथमिक उपचार का ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि आपात स्थिति में समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार किसी की जान बचा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि हम सभी को फर्स्ट एड की बुनियादी जानकारी अवश्य होनी चाहिए, ताकि किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत सहायता की जा सके।
राजकीय कन्या महाविद्यालय के रेड क्रॉस सोसायटी की समन्वयक डॉ .लक्ष्मी सिंदु ने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को समाज में भी फैलाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि रेड क्रॉस जैसी संस्थाएँ मानवता की सच्ची प्रतीक हैं, और इस प्रकार के प्रशिक्षण युवाओं में मानवीय संवेदनाएँ व सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। इसी के उन्होंने सभी का धन्यवाद किया ।



