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विकास विनाश का कारण नहीं बनना चाहिए – विक्रमादित्य सिंह

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विकास विनाश का कारण नहीं बनना चाहिए – विक्रमादित्य सिंह
 
लोक निर्माण मंत्री ने घणाहट्टी स्कूल में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में की बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत 

लोक निर्माण  एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घणाहट्टी में कसुम्पटी खंड की अंडर-14 बॉयज एंड गर्ल्स श्रेणी की तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया।

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इस अवसर पर विक्रमादित्य सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कहा कि विकास विनाश के तौर पर नहीं जाना चाहिए। विकास कार्यों से विनाश बिलकुल भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 24 से 27 अगस्त 2025 तक पूरे प्रदेश के अंदर आपदा से 800 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र के रेस्टोरेशन को अमलीजामा पहनाना सबसे बड़ी चुनौती है जिसमें सरकारी धन का दुरुपयोग बिलकुल नहीं होना चाहिए। हमें एक एक पैसे को बचाना होगा तभी प्रदेश के विकास के लिए धन संचित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर बादल फटने की घटनाएं अब काफी बढ़ गई है और यह प्रदेश के लिए अलार्मिंग स्थिति है। हमें विकास मॉडल में परिवर्तन करना होगा जो पर्यावरण हितैषी विकास होगा और उसी विकास मॉडल पर फोकस होगा। मलबे को डंपिंग साइट पर ही फेंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी भविष्य की पीढ़ी अगर खतरे के साय में रहेगी तो हम सब के लिए चिंता की बात है। आज सारे पहाड़ नीचे दरक रहे है।
देव स्थलों पर न फैलाएं गंदगी
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के देव स्थलों को प्रदूषित नहीं करना चाहिए। देव भूमि के सभी देवस्थल ऊंचे स्थानों पर स्थापित होने के पीछे कई कारण है। इन स्थलों की गरिमा बनाए रखना हम सब का फर्ज है। आज लोग देव स्थलों पर कूड़ा कर्कट फैला रहे है जोकि बिलकुल भी सही नहीं है।
बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी रहे अग्रणी 
उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास में स्कूली शिक्षा सबसे अहम होती है। एक बच्चे के भविष्य की नींव स्कूल में ही रखी जाती है। बच्चों को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में अग्रणी रहना चाहिए। प्रदेश सरकार राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने के लिए कार्य कर रही है। इन स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाओं के माध्यम से शिक्षा मुहैया करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए गए है। अब तो स्कूलों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए गए है ताकि बच्चे पढाई के बाद स्वरोजगार शुरू कर सके। हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वोकेशनल कोर्स काफी मददगार साबित होंगे।
स्कूल परिसर में इंटरलॉकिंग टाइल्स के लिए 5 लाख, कुश्ती ग्राउंड के जीर्णोद्धार के लिए 15 लाख देने की घोषणा
उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण के विभिन्न क्षेत्रों में करोड़ों रुपए के विकास कार्य पिछले ढाई सालों से चल रहे है। घणाहटी बाजार से लेकर स्कूल प्रांगण तक इंटरलॉकिंग टाइल लगाई जाएंगी। उन्होंने स्कूल परिसर में इंटरलॉकिंग टाइल्स के कार्य के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। घणाहट्टी स्कूल में इंडोर स्टेडियम स्थापित करने के विकल्प तलाशे जाएंगे ताकि स्कूली छात्रों को अच्छी सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 15 लाख रुपए कुश्ती ग्राउंड के जीर्णोद्धार के लिए देने की भी घोषणा की।
खेल प्रतियोगिता में 17 स्कूलों के लगभग 400 छात्र-छात्राएं 
इस खेलकूद प्रतियोगिता में 17 स्कूल हिस्सा ले रहे है। इस प्रतियोगिता का समापन 3 सितंबर 2025 को होगा। इस प्रतियोगिता में  212 लड़के और 186 लड़कियां विभिन्न खेलों में भाग लेंगी। सभी स्कूलों ने मार्च पास्ट किया। खिलाड़ियों ने सरस्वती वंदना की शानदार प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। उन्होंने खेलकूद प्रतियोगिता के आयोजन कर्ताओं को 31 हजार रुपए की राशि देने की भी घोषणा की।
यह भी रहे मौजूद
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा निशा बलूनी, उप निदेशक गुणवत्ता नियंत्रण बलविंदर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गोपाल शर्मा, ग्राम पंचायत प्रधान रेखा मानक, प्रधानाचार्य कांता ठाकुर, एसएमसी प्रधान प्रवीण कुमार, जिला परिषद सदस्य प्रभा वर्मा, उप प्रधान देवेंद्र शर्मा, बीडीसी उपाध्यक्ष रामलाल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अरुण ठाकुर, ललित शर्मा, शीतल, सुरेश गुप्ता, हरिचंद गुप्ता, आलोक जोशी, प्रवीण कुमार, रेखा ठाकुर, आशा ठाकुर सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
Deepika Sharma

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