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एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में एंटी रैगिंग सप्ताह के दौरान छात्र जागरूकता गतिविधियों में भागीदारी

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एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में एंटी रैगिंग सप्ताह के दौरान छात्र जागरूकता गतिविधियों में भागीदारी

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एपीजी शिमला विश्वविद्यालय ने रैगिंग के गंभीर अपराध और उसके कानूनी परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एंटी रैगिंग सप्ताह का आयोजन किया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. जोगिंदर सिंह सकलानी, एसोसिएट प्रोफेसर, पॉलिटिकल साइंस, ICDEOL ने छात्रों को रैगिंग के खिलाफ कानून के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को रैगिंग की किसी भी घटना का तुरंत विरोध करने के लिए प्रेरित किया ताकि अपराधी हिम्मत न कर सकें। इस सत्र में छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और दो-तरफा संवाद हुआ। इस कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. आर.एल. शर्मा, सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत, डीन एकेडमिक्स डॉ. आनंद मोहन, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. नीलम शर्मा, और कंट्रोलर ऑफ़ एग्जामिनेशन अफज़ल खान मौजूद थे। डॉ. आर.एल. शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। इस कार्यक्रम का समन्वय चेयरपर्सन डॉ. भावना वर्मा और सांस्कृतिक समिति ने किया। इस दौरान पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, रील मेकिंग और डिक्लेमेशन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से छात्रों ने रैगिंग के खिलाफ अपने विचार रचनात्मक तरीके से व्यक्त किए। निर्णायक मंडल में डॉ. नीलम शर्मा, डॉ. देविका राणा और श्री ललित थे। प्रतियोगिताओं के विजेता इस प्रकार रहे: पोस्टर मेकिंग में सोनिया, उज्जवल और कृतिका; स्लोगन राइटिंग में मानवी, रक्षित और जाह्नवी; रील प्रतियोगिता में स्कूल ऑफ़ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च, स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, और स्कूल ऑफ़ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट; तथा डिक्लेमेशन में ऐश्वर्या, पियूष और विक्टर। एंटी रैगिंग सप्ताह ने कैंपस में सम्मान और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Deepika Sharma

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