हरी चूड़ियाँ, मेंहदी और शिवरूप: सावन की संस्कृति का अमर सौंदर्य
महादेव की कृपा से भरपूर सावन: जब चूड़ियों की खनक में गूंजती है शिव भक्ति

हरी चूड़ियाँ, मेंहदी और शिवरूप: सावन की संस्कृति का अमर सौंदर्य

शिमला, 21 जुलाई 2025 — सावन का महीना हरियाली, उमंग और भक्ति का प्रतीक है। पूरे वर्ष में यही एक ऐसा विशेष समय होता है जब भक्तों की पुकार पर स्वयं भगवान शिव पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। यह माह केवल धार्मिक अनुष्ठानों और व्रतों का समय नहीं है, बल्कि स्त्रियों के सौंदर्य, स्वास्थ्य और मानसिक शांति से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
सावन के आगमन के साथ ही धरती हरियाली की चादर ओढ़ लेती है और प्रकृति स्वयं स्त्रियों के श्रृंगार की प्रेरणा बन जाती है। इस पावन अवसर पर हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ और मंगलकारी माना जाता है। हरा रंग प्रकृति, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक है, जिसे भगवान महादेव का अत्यंत प्रिय रंग भी माना गया है। यही कारण है कि सावन में हरे वस्त्र, हरी चूड़ियाँ और मेंहदी लगाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।
सावन में सुहागिन महिलाओं को हरी चूड़ियाँ पहने और हाथों पर मेंहदी रचाते देखा जा सकता है। जब ये महिलाएं अपने सजे-संवरे हाथों से महादेव का जलाभिषेक करती हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो सम्पूर्ण प्रकृति शिव भक्ति में लीन हो गई हो। यह दृश्य न केवल भक्ति की पराकाष्ठा दर्शाता है, बल्कि पारिवारिक समृद्धि और सौंदर्य का संदेश भी देता है।
महादेव का परिवार भी इस समृद्धि का प्रतीक है—गणेश जी, कार्तिकेय जी और पांच बेटियों सहित उनकी सबसे छोटी पुत्री अशोक सुंदरी तक, सभी किसी न किसी रूप में शिवलिंग की आकृति और सृष्टि की रचना से जुड़ते हैं। यही से आरंभ होती है हरे रंग की समृद्धि और खुशहाली की परंपरा।
जहाँ पश्चिमी सभ्यता ने भारतीय संस्कृति के कई पहलुओं को प्रभावित किया है, वहीं सावन में हरी चूड़ियाँ पहनने और मेहँदी लगाने की परंपरा अब भी उतनी ही प्रासंगिक और जीवंत है। यह सांस्कृतिक विरासत न केवल दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सौंदर्य भरती है, बल्कि नवजीवन, उर्वरता और समृद्धि का संदेश भी देती है।
यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आने वाली पीढ़ियों को भी इसी तरह संस्कार, श्रद्धा और सौंदर्य का संदेश देती रहेगी। सावन महादेव की कृपा से परिपूर्ण है और यह माह समस्त संसार को हरितिमा और भक्ति से सराबोर कर देता है।
(असर न्यूज़ टीम से डिंपल सूद की रिपोर्ट)




