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EXCLUSIVE : स्कूल ​शिक्षा बोर्ड का एक और कारनामा, तीन पेपरों में फेल छात्र हुआ प्रथम श्रेणी में पास

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स्कूल ​शिक्षा बोर्ड का एक और कारनामा सामने आया है ।जानकारी के मुताबिक तीन पेपरों में फेल छात्र अब प्रथम श्रेणी में पास हो गया है इसकी पुष्टि करते हुए हिमाचल प्रदेश मुख्याध्यापक व प्रधानाचार्य संवर्ग के जिला मंडी प्रधान नरेश महाजन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के जमा दो के परीक्षा परिणाम में एक और कारनामा नजर आया है।।जिससे लोगों में चर्चा बन गई है। ग्रेटवे पब्लिक स्कूल राजा का तालाब के छात्र निक्षय पठानिया पुत्र रवींद्र पठानिया का जब मई माह में जमा दो का परीक्षा परिणाम आया, तो उसे तीन विषयों में फेल बताया गया, जिसमें अंग्रेजी विषय में 24 अंक, फिजिक्स में 17 अंक, कैमिस्ट्री में 16 अंक दर्शाए गए। परीक्षा परिणाम में फेल बता दिया गया।

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जबकि अंग्रेजी विषय के संशोधन के उपरांत जब उसका परीक्षा परिणाम आया तो निक्षय पठानिया के अंग्रेजी में 52, फिजिक्स में 59 और कैमिस्ट्री में 59 अंक व दो अन्य विषयों सहित अंकों का कुल योग 344 बना जिसका प्रतिशत 68.8 बन रहा है। इस तरह से फेल दर्शाए गए छात्र का 68.8 फीसदी अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में पास होना लोगों में आम चर्चा का विषय बन गया है कि जब निक्षय पठानिया पहले तीन विषयों में फेल दर्शाया गया था तो केवल एक पेपर के संशोधन के उपरांत तीनों पेपरों में वो कैसे पास हो गया।

उसके इतने नंबर अचानक कैसे बढ़ गए। इस बात को लेकर लोग कहने को मजबूर हो गए हैं कि इतनी बड़ी लापरवाही किसकी वजह से हुई जिससे एक बच्चे के भविष्य पर सवालिया निशान लग गए।फिलहाल परिवार में बेटे के प्रथम श्रेणी में पास होने की खुशी मनाई जा रही है। वहीं हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव व विभागीय स्टाफ पर प्रश्न चिन्ह भी खड़ा करता है कि इतनी बड़ी चूक हुई तो कैसे हुई। क्योंकि अक्सर बच्चे इस तरह की लापरवाही से निराशा में चले जाते हैं और गंभीर कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। पहले अंग्रेजी का पेपर चुवाड़ी स्कूल में लीक हुआ अब परीक्षा परिणाम में इतनी बड़ी लापरवाही तो यह बताता है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड बंद होना चाहिए व सभी परीक्षा सी बी एस सी बोर्ड के तहत होनी चाहिए।

Deepika Sharma

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