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राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत घनाहटी प्रशिक्षण केंद्र में शिविर का आयोजन

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– पशु पालन विभाग के प्रशिक्षण केंद्र, घनाहटी में आज राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पशुओं में होने वाली संक्रामक बीमारियों जैसे खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) और ब्रुसेलोसिस के नियंत्रण हेतु टीकाकरण और जागरूकता पर जोर देना था। शिविर में 50 पशु पालकों एवं जन प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विशेषज्ञों से पशु स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की।

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*विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी*
शिविर का संचालन पशु पालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. नीरज मोहन के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर सहायक निदेशक डॉ. अमित अत्री, सहायक निदेशक डॉ. हितेंद्र ग्रेक, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधुर गुप्ता, डॉ. हीना बहल, डॉ. अक्षय धवन, डॉ. ऐश्वर्या और डॉ. ऋषभ मेहता जैसे विशेषज्ञ मौजूद रहे। इन सभी ने पशुओं में होने वाली प्रमुख बीमारियों के लक्षण, संक्रमण के तरीके, उपचार और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।

डॉ. ऐश्वर्या और डॉ अक्षय धवन ने खुरपका-मुंहपका और डॉ ऋषभ मेहता ने ब्रुसेलोसिस रोगों पर विशेष ध्यान देते हुए इनके लक्षणों, प्रसार के माध्यमों और रोकथाम के तरीकों पर प्रकाश डाला। डॉ. अमित अत्री ने पशु पालकों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। वहीं, डॉ. हीना बहल ने पशुओं के रख-रखाव और देखभाल के महत्व पर जोर दिया।

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*पशु पोषण और सरकारी योजनाओं पर चर्चा*
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधुर गुप्ता ने पशु पोषण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संतुलित आहार से पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे संक्रामक रोगों का खतरा कम होता है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि कच्चे दूध को हमेशा उबालकर प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि इसमें जूनोटिक बीमारियों (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों) का खतरा रहता है। उबालने से कीटाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे दूध सुरक्षित हो जाता है,साथ ही साथ उन्होंने बताया कि मांस मछली और अंडे को भी उबाल कर या आग पर पका कर ही खाना चाहिए,कच्छे दूध,अंडे और मांस का सेवन कभी नहीं करना चाहिए

सहायक निदेशक डॉ. हितेंद्र ग्रेक ने पशु पालकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिनका लाभ उठाकर वे अपने पशुधन को बेहतर बना सकते हैं।

*प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति*
शिविर में जिला परिषद सदस्या श्रीमती प्रभा वर्मा, उपप्रधान ग्राम पंचायत घनाहटी श्री देवेंद्र शर्मा , गौसेवा संचालक ललित शर्मा सहित कई अन्य प्रमुख पशु पालक उपस्थित रहे। इन सभी ने विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया और अपने अनुभव साझा किए।
शिविर में विभाग के वेटरिनरी फार्मासिस्ट भी मौजूद रहे और क्योंकि वो फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में धरातल पर पशु पालकों से जुड़े रहते हैं

*प्रशिक्षण केंद्र की पहल*
उपनिदेशक डॉ. नीरज मोहन ने बताया कि घनाहटी प्रशिक्षण केंद्र में समय-समय पर पशु पालकों के लिए इस तरह के जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य पशु पालकों को शिक्षित करना और उनके पशुओं को स्वस्थ रखने में सहायता करना है। आज का यह शिविर उसी दिशा में एक कदम है।”

*निष्कर्ष*
यह शिविर पशु पालकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और टीकाकरण संबंधी जानकारी से पशु पालकों को न केवल अपने पशुओं को रोगों से बचाने का ज्ञान मिला, बल्कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित हुए। पशु पालन विभाग ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।

Deepika Sharma

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