स्वास्थ्य

ख़ास ख़बर: हिमाचल में मोबाइल क्लिनिक बस टटोलेगी मरीज़ों की नब्ज़

मुख्यमंत्री करेंगे टोंगलेन की मोबाइल क्लिनिक बस का उद्घाटन

No Slide Found In Slider.

 

*सभी तरह के खून टेस्ट, एक्स-रे, ईसीजी,थूक व मल-मूत्र और टीबी की मुफ्त जांच सुविधा

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

* मोबाइल क्लीनिक से जल्द ही टेली-मेडिसिन की सुविधा भी दी जाएगी
——————————————-

धर्मशाला, 28 अक्टूबर।

झुग्गी झोपड़ियों और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार को टोंगलेन की मोबाइल क्लीनिक बस का उद्घाटन करेंगे। इस क्लिनिक बस के जरिए सभी प्रकार की मुफ्त जांच और फर्स्ट-एड की सुविधा अगले एक वर्ष में 20 हज़ार गरीबों के द्वार तक पहुंचने का लक्ष्य है। टेली-मेडिसिन की सुविधा भी जल्द शुरू की जाएगी।

टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट के निदेशक भिक्षु जामयांग ने बताया कि मोबाइल क्लीनिक बस कांगड़ा घाटी की विभिन्न झुग्गी बस्तियों, दूरदराज के गांवों के साथ ही नादौन और जम्मू में रेलवे स्टेशन के पास एक बड़ी झुग्गी बस्ती में जाकर मरीज़ों को निशुल्क सेवाएं देगी। इसमें किडनी, लिवर, टीबी, मधुमेह और हार्मोन से जुड़े रक्त परीक्षणों के अलावा एक्स-रे, ईसीजी, वीर्य टेस्ट और आरटीपीसी के साथ ही दवा की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंगलवार सुबह सर्किट हाउस से मोबाइल क्लीनिक बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसमें शिक्षित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ भी रहेगा। बच्चों और गर्भवती माताओं के लिए विभिन्न प्रकार के वैक्सीन भी इस बस में उपलब्ध होंगी। जल्दी ही टेली-मेडिसिन की सुविधा शुरू करने की भी तैयारी है।

भिक्षु जामयांग के अनुसार टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट वर्ष 2004 में अपनी स्थापना के समय से भीख मांगने और कूड़ा बीनने वाले बच्चों की शिक्षा और कमजोर वर्गों के स्वास्थ्य से जुड़े प्रोजेक्ट चला रहा है। इससे हजारों लोगों को उनके घर द्वार पर ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल जाती हैं। हर वर्ष झुग्गी बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्र के 6000 से अधिक लोग इनका लाभ उठाते हैं।

टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट के आवासीय स्कूल में झुग्गी झोपड़ियों के 350 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। ट्रस्ट की मदद से पढ़े बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, होटल मैनेजर एवं पत्रकार तथा अन्य नौकरियों में अपनी पहचान बना रहे हैं।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close