स्वास्थ्य

असर विशेष: एक साल के लंबे इंतज़ार के बाद ऑफलाइन “ड्रग लाइसेंस” बनेंगें ऑनलाइन

ऑनलाइन प्रक्रिया से कार्यक्रम में आती है पारदर्शिता

No Slide Found In Slider.

लगभग एक वर्ष से ऑफलाइन तौर पर बनाये जा रहे ड्रग लाइसेंस अब जल्द ही ऑनलाइन बनाये जाएँगे। जिसमे नये सॉफ्टवेर को अंत तोर पर अमलीज़ामा पहनाया जाने वाला है । जिस पर स्वास्थ्य सचिव के साथ बैठक में नये सॉफ्टवेर पर विचार विमर्श हो चुका है और software को चेक भी कर लिया गया है। कुछ दिनों के भीतर नये software का उद्घाटन कर लिया जाएगा। अभी इस के ट्रायल चल रहे है

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

हालाँकि नये सॉफ़्टवेयर बनाने में इंतज़ार काफ़ी लंबा हो गया जिसे लेकर दलील ये दी जा रही है कि पहले पुराने सॉफ्टवेर को ही ठीक करने की कोशिश की जा रही थी ।

वही उस दौरान ड्रग कण्ट्रोलर भी सेवानिवृत्त हो गए वहीं सूचना ये भी है कि हिमाचल से संबंधित कंपनी के साथ कुछ ड्यूस थे जो क्लियर नहीं हो पा रहे थे जिसमे ऑनलाइन प्रक्रिया को सक्रिय करने में काफ़ी देरी हो गई।

फ़िलहाल ऑनलाइन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में देरी का जो भी कारण दिया जा रहा हो लेकिन ऑफलाइन प्रक्रिया हमेशा से सवालों के घेरे में रही है । इस पर ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन ने भी साफ़ किया है कि मामला सरकार के ध्यान लाया गया था जिसमें अब कहा जा रहा है कि अगले 10 दिनों के भीतर drug licence बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया नए सॉफ्टवेर के तहत जल्द शुरू कर दी जाएगी। हालाँकि अब उम्मीद है कि drug licence बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने में अब देरी नहीं होगी।

WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

बॉक्स

किस तरह की पारदर्शिता रहती है ऑनलाइन प्रक्रिया में?

ऑनलाइन प्रक्रिया में जो भी दस्तावेज दिए जाते है उसका रिकॉर्ड एक सार्वजनिक स्तर पर रहता है।लेकिन अब हिमाचल में ड्रग लाइसेंस लेने वाले व्यक्ति विशेष को स्वयम जाकर दस्तावेज संबंधित अधिकारियों को सौंपने पड़ रहे है। online प्रक्रिया में एक निश्चित तय समय अवधि है जिसके तहत drug licence को मुहैया करवा दिया जाता है लेकिन ऑफलाइन प्रक्रिया में लाइसेंस बनने में देरी होने की परेशानियां रहती है।

इसे लेकर जानकार मानते हैं कि offline प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने की संभावना बहुत ज़्यादा रहती है जिसके लिए एक पक्के software के तहत drug licence बनाने की प्रक्रिया को अमली जामा पहनाना ज़रूरी रहता है।

बॉक्स
दवाओं की सप्लाई के लिए रिटेल और होलसेल के लिए लोग लाइसेंस अप्लाई करते है। हर वर्ष सैकड़ों लोग अपना कारोबार शुरू करने के लिये लाइसेंस लेते है।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close