
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
शिमला, 22 अगस्त 2024:
वर्तमान समय में भारतीय यातायात पुलिस आधुनिक तकनीकों का उपयोग यातायात प्रबंधन और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए कर रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में डिजिटल युग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस के कर्मचारियों के लिए तकनीकी रूप से सक्षम होना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। इसी उद्देश्य से ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे पुलिस शिमला द्वारा तीन दिवसीय ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (ToT) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका आज सफल समापन हुआ।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य यातायात पुलिस के अन्वेषण अधिकारियों और यातायात नियमन एवं प्रवर्तन में तैनात कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक का कुशलता से उपयोग करना सिखाना था। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को निम्नलिखित दायित्वों और कार्यकुशलताओं पर विशेष ध्यान दिया गया:

1. **डिजिटल उपकरणों का उपयोग:** यातायात उल्लंघन की निगरानी और प्रवर्तन के लिए आधुनिक कैमरों, स्पीड डिटेक्शन डिवाइस, और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का उपयोग करना।
2. **सड़क सुरक्षा प्रबंधन:** सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उन्नत तकनीकों और उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना।
3. **डेटा विश्लेषण और प्रबंधन:** यातायात के आंकड़ों का विश्लेषण करके निर्णय लेने में सक्षम बनना और इन आंकड़ों के आधार पर यातायात प्रबंधन रणनीतियों को विकसित करना।
4. **प्रभावी संचार:** आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया देने के लिए डिजिटल संचार माध्यमों का उपयोग।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से, ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे पुलिस शिमला ने अपने कर्मचारियों को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार किया है, जिससे वे अपने कार्यों को और भी अधिक प्रभावी ढंग से संपन्न कर सकेंगे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उन्हें आगे भी इसी जोश और समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा दी।




